कृष्णानगर में श्मशान घाट में पानी भरने से नहीं हो सका अंतिम संस्कार, डेढ़ घंटे में बरसा 112 मिमी पानी
शिवपुरम, साउथ सिविल लाइंस, राजेंद्र नगर, गुलाबनगर और बंधा रोड में भी जलभराव
शहर में बृहस्पतिवार देर रात करीब डेढ़ घंटे हुई मूसलाधार बारिश शहर के कुछ क्षेत्रों के लिए मुसीबत बन गई है। सबसे ज्यादा दिक्कत कृष्णानगर में हुई। यहां श्मशान घाट में पानी भरने से अंतिम संस्कार भी नहीं हो सका।
बृहस्पतिवार को अचानक मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। डेढ़ घंटे में ही 112 मिलीमीटर बारिश गया जिससे जगह-जगह पानी भर गया। देर रात के समय आवाजाही बंद होने के चलते उन क्षेत्रों में दिक्कत नहीं आई, जहां कुछ घंटों बाद पानी अपने आप ही उतर गया। वहीं जिन क्षेत्रों में निकासी के इंतजाम नहीं हैं, वहां सुबह लोग उठे थे घरों के आसपास और गलियों में पानी भरा हुआ था। लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा।
कृष्णानगर में हालात ऐसे रहे कि दुपहिया और चौपहिया वाहन सड़कों पर डूबते नजर आए। इससे यहां की करीब 20 हजार की आबादी प्रभावित हुई। यही नहीं कृष्णानगर में स्थित श्मशान घाट पर शुक्रवार को लोग एक शव को लेकर अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे। पानी भरा होने के चलते शव वाहन का इंतजाम कर लोग मालवीय चौक स्थित श्मशान घाट पहुंचे। वहां शव का अंतिम संस्कार किया गया।
वहीं इसी श्मशान घाट पर तीन दिन पहले अंतिम संस्कार करने के बाद परिजन फूल चुनने के लिए पहुंचे थे लेकिन वहां पहुंचे तो पूरे क्षेत्र में पानी भरा था। इसके अलावा दिन भर पानी भरे रहने से लोगों को परेशानी हुई। इसके अलावा बारिश से शिवपुरम, साउथ सिविल लाइंस, राजेंद्र नगर, गुलाबनगर और बंधा रोड आदि स्थानों पर भी पानी भरा हुआ है।
पंप लगाकर निकाला जा रहा पानी
कृष्णानगर में जल निकासी के इंतजाम नहीं होने के चलते जगह-जगह गलियों में भरे पानी को निकालने के लिए मोटर पंप लगाया गया। पार्षद प्रतिनिधि संजय कश्यप ने बताया कि दिन भर पानी की निकासी कराई गई है।
समय पर होता काम तो मिलती राहत
कृष्णानगर में श्मशान घाट के सुदृढ़ीकरण के लिए 23 लाख से काम होना है। इसके लिए टेंडर आदि भी जारी हो गए हैं लेकिन काम शुरू नहीं हुआ। वहीं यहां स्थित एक तालाब की 6.5 लाख में सफाई और सौंदर्यीकरण भी होना है। इससे आसपास के पानी की तालाब में निकासी हो सकेगी। दोनों ही काम शुरू नहीं हो पाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही काम शुरू कराए जाएंगे।