पतंगबाजी में इस्तेमाल होने वाला चाइनीज मांझा बच्चों के लिए मुसीबत बन रहा है। रोक के बावजूद चाइनीज मांझे की बिक्री जारी है।
पतंगबाजी बच्चों का ही नहीं बडंों का भी पसंदीदा शौक है। पतंग उड़ाने के लिए चाइनीज मांझे का इस्तेमाल हो रहा है। यह आसानी से टूटता व कटता नहीं है।
इस मांझे की यह खूबी लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन रही है। मोहल्ला पठानपुरा निवासी सादिक की चार साल की मासूम पुत्री अर्शी घर की छत पर खेल रही थी। तभी चाईनीज मांझा उसकी गर्दन से लिपटा गया और गर्दन पर कट लगने से वह लहूलुहान हो गई। उसकी मां ने किसी तरह मांझे को उसकी गर्दन से अलग किया।
उसके पिता के मुताबिक उसके घाव को बंद करने के लिए दस टांके लगाने पड़े। करीब दस दिन पहले भी एक अन्य बच्ची की गर्दन में मांझा लिपटने से उसकी गर्दन में घाव हो गए थे। उसे भी टांके लगाने पड़े थे। गौरतलब है कि पिछले वर्ष नजाकत नामक व्यक्ति को मांझे से उलझ कर काफी चोटें आई थी।
इसके बाद पुलिस ने मांझा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चाइनीज मांझेे की बिक्री पर रोक लगा दी थी। लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं किया गया है। हाशिम, अब्बास, कल्लू आदि लोगों का कहना है कि चाइनीज मांझे की बिक्री पर रोक लगाई जानी चाहिएं। नगर पुलिस चौकी प्रभारी कैलाश बिष्ट का कहना हैं कि चाइनीज मांझा लोगों के लिए खतरनाक हैं। इसे बेचने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।