एक महिला की तहरीर पर पुलिस ने पूर्व ग्राम प्रधान और उसके दो सहयोगियों पर फर्जी तरीके से मनरेगा में मजदूरी दर्शाकर उसके नाम से हजारों रुपये हड़पने के मामले में केस दर्ज किया है। कोर्ट के आदेश पर दर्ज किए गए केस के बाद पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।
कोतवाली क्षेत्र के पीरपुरा गांव निवासी मीना ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर बताया कि गांव की पूर्व प्रधान कुसुम अपने दो साथियों के साथ उसके घर आई और राशन कार्ड में नाम जुड़वाने की बात की। इसके बाद आरोपियों ने उससे कागजात ले लिए और फर्जी तरीके से मनरेगा की सूची में उसका नाम दर्ज कर मजदूरी के हजारों रुपये धोखाधड़ी से हड़प लिए। पीड़िता ने बताया कि उसके द्वारा मनरेगा में कोई कार्य नहीं किया गया है।
आरोपियों द्वारा षड्यंत्र रचकर और फर्जी अंगूठा लगाकर सरकारी धन की बंदरबांट की गइ्र है। उन्होंने कई बार मंगलौर पुलिस व उच्चाधिकारियों से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। पीड़िता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाकर गांव की पूर्व प्रधान व उसके दो सहयोगियों पर केस दर्ज करने की मांग की। कोतवाली प्रभारी महेश जोशी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर नामजद अकील उर्फ भुट्टू, ग्राम प्रधान कुसुम व तमकीन निवासी ग्राम पीरपुरा के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है।