रुड़की। ऋषिकेश एम्स में सुपरवाइजर की नौकरी लगवाने का झांसा देकर महिला से लाखों की ठगी के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। महिला ने पुलिस ने अपनी रकम वापस दिलाने की गुहार लगाई है।
सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र स्थित शेर कोठी निवासी एलिजाबेथ सिंह ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि करीब आठ महीने पहले उनकी मुलाकात तीन लोगों से हुई थी। तीनों ने बताया था कि उनकी ऋषिकेश एम्स में अच्छी जान पहचान है। वहां सुपरवाइजर की भर्ती होने वाली है। तीनों ने कहा था कि वे उनके बेटे को भी ऋषिकेश एम्स में सुपरवाइजर के पद पर भर्ती करवा देंगे। इसके लिए साढ़े तीन लाख रुपये देने होंगे। झांसे में आकर महिला ने बेटे की नौकरी के लिए साढ़े तीन लाख रुपये दे दिए। तीनों ने कुछ दिन बाद नियुक्ति पत्र देने की बात कही, लेकिन कई महीने बाद भी नियुक्ति पत्र नहीं आया तो उन्होंने युवकों से जानकारी ली। आरोप है कि इस पर तीनों बहानेबाजी करने लगे। महिला ने रकम वापस मांगी तो उन्होंने इनकार कर दिया। कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि महिला की तहरीर के आधार पर ऋषिकेश निवासी बिजेंद्र राणा, दीपक तोमर और खेम राठौर के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है।