कोतवाली क्षेत्र के गांव मन्नाखेड़ी में जमीन के विवाद पर दो पक्षों में जमकर खूनी संघर्ष हुआ। आरोप है कि हमलावरों ने खेत में काम कर रहे लोगों पर तलवार और लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में पीड़ित पक्ष के चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने 12 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित अतुल कुमार निवासी मन्नाखेड़ी ने दी तहरीर में बताया कि उसके चाचा दुष्यंत जो कि मूक-बधिर है कि जमीन के लिए विवाद चल रहा है। आरोप है कि मेघार्थी मलिक निवासी ब्रह्मपुर जट्ट और हरेंद्र कुमार निवासी मन्नाखेड़ी ने जालसाजी कर दुष्यंत की जमीन का दानपत्र सुभाष के नाम करवा लिया। इस दानपत्र के लिए किसी भी सक्षम अधिकारी से अनुमति नहीं ली गई। उक्त जमीन को लेकर वर्तमान में रुड़की सिविल कोर्ट में वाद विचाराधीन है।
पीड़ित ने बताया कि इसी रंजिश के चलते 29 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 9:15 बजे वह अपनी माता मुकेश, चाचा दुष्यंत और सोहनवीर के साथ लहबोली गांव के पास स्थित अपने खेत में काम कर रहा था। इसी दौरान एक स्कॉर्पियो व तीन मोटरसाइकिल और एक ट्रैक्टर लेकर मेघार्थी मलिक व हरेंद्र कुमार अपने करीब 10 अज्ञात साथियों के साथ वहां पहुंचे। अतुल का आरोप है कि आते ही हमलावरों ने गालियां देते हुए उन्हें खेत में दफन करने की धमकी दी।
इसके बाद तलवार और लाठी-डंडों से लैस हमलावरों ने उनपर जानलेवा हमला कर दिया। तलवार के वार से दुष्यंत और सोहनवीर के सिर में गंभीर चोटें आईं जबकि अतुल व उसकी माता को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा गया। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने किसी तरह घायलों को हमलावरों के चंगुल से छुड़ाया। जान बचाकर भागने से पहले हमलावर जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद घायलों ने थाने पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई और मेडिकल रिपोर्ट के साथ तहरीर दी। कोतवाली प्रभारी भगवान सिंह मेहर ने बताया कि तहरीर प्राप्त हो गई है। तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।