भंगेड़ी महावतपुर में सैन्य क्षेत्र में रास्ते को लेकर चल रहे विवाद में प्रशासन ने किसान यूनियन से पांच दिन का समय मांगा है। एसडीएम के आश्वासन के बाद भाकियू रोड ने मार्ग खुलवाने की मांग को लेकर आज होने वाले धरना-प्रदर्शन को अब पांच दिन के लिए स्थगित कर दिया है।
दरअसल, भंगेड़ी महावतपुर में सैन्य क्षेत्र से रास्ते को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। ग्रामीण लगातार सैन्य अधिकारियों द्वारा बंद किया गया रास्ता खुलवाने की मांग कर रहे हैं। हाल ही में तत्कालीन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंशुल सिंह ने तहसीलदार और सीओ को मार्ग खुलवाने को लेकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। बीच में मामले को लेकर ग्रामीण कोर्ट भी पहुंचे। कोर्ट ने भी मार्ग खुलवाने के आदेश दिए थे। इसके बाद मार्ग नहीं खुलवाया गया। इस मामले को लेकर 12 अगस्त को भारतीय किसान यूनियन रोड के पदाधिकारियों ने एसडीएम से मुलाकात की थी। उस दौरान एसडीएम ने 17 अगस्त तक मामले में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था लेकिन निर्धारित समय तक भी मार्ग नहीं खुलने पर भाकियू रोड ने 25 अगस्त को तहसील में धरना-प्रदर्शन करने की चेेतावनी दी थी। ऐसे में एक दिन पहले ही एसडीएम विजय नाथ शुक्ला ने भाकियू प्रदेश अध्यक्ष पदम सिंह रोड़ को वार्ता के लिए बुलाया। वार्ता के दौरान उन्होंने यूनियन से पांच दिन का समय मांगा। उनका कहना था कि सैन्य अधिकारियों से वार्ता कर मार्ग खुलवाया जाएगा। सैन्य अधिकारियों ने सोमवार को वार्ता का समय दिया है, इसलिए उन्होंने यूनियन से पांच दिन का समय मांगा। प्रदेश अध्यक्ष पदम सिंह रोड़ ने कहा कि एसडीएम के आश्वासन पर आज होने वाला धरना-प्रदर्शन पांच दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है। वार्ता में इंदर सिंह, प्रदीप कुमार, जसबीर सिंह, जावेद, विपिन, रामदास, नरेश, प्रदीप त्यागी और सोनू आदि मौजूद रहे।
आज अधिशासी अभियंता कार्यालय का घेराव करेंगे किसान
पांच दिन पहले बेलड़ा गांव में एक युवक की घर की छत से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। घटना के बाद ऊर्जा निगम अधिकारियों ने मामले में पीड़ित परिजन को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया था लेकिन चार दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर बुधवार को भाकियू प्रदेश अध्यक्ष पदम सिंह रोड़ के नेतृत्व में किसान शहरी अधिशासी अभियंता कार्यालय पर पहुंचे, जहां उन्होंने पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द मुआवजा दिलाने की मांग की। इस दौरान अधिकारी कोई सकारात्मक आश्वासन नहीं दिला पाए। ऐसे में किसानों ने बृहस्पतिवार को अधिशासी अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन की चेतावनी दी है।