नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती मरीज आशीष गौतम (28) के 15 साल के नाबालिग ने स्टील के टुकड़े और मफलर से हत्या की थी। हत्या के पीछे दोनों मरीजों में अक्सर विवाद होने की बात सामने आई है। पुलिस का दावा है कि नाबालिग ने पिटाई और धमकाने का बदला लेने के इरादे से मौका मिलने पर वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस ने नाबालिग को वारदात में प्रयुक्त सामान के साथ गिरफ्तार कर कोर्ट में पेशी के बाद बाल सुधार गृह भेज दिया है।
रुड़की कोतवाली को नवीन गौतम निवासी बसेड़ी खादर कोतवाली लक्सर ने तहरीर देकर बताया था कि पांच महीने पूर्व भाई आशीष गौतम को अनमोल जीवन समिति नशा मुक्ति केंद्र स्थित ढंडेरी ख्वाजगीपुर में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि 12 मई को नशा मुक्ति केंद्र के कर्मियों ने फोन कर बताया था कि भाई का शव बाथरूम में पड़ा है।
परिवार के लोग मौके पर पहुंचे थे। भाई के शरीर पर गहरे घाव मिले थे। आरोप है कि केंद्र के एक मरीज और प्रबंधक व एक कर्मचारी ने भाई के साथ मारपीट कर हत्या की है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। वारदात के बाद पुलिस ने नशा मुक्ति केंद्र के स्टाफ और मरीजों से पूछताछ कर सीसीटीवी कैमरे चेक किए थे।
कुछ घंटे बाद ही पुलिस के सामने हत्याकांड की परतें खुलने लगी थी। इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह बिष्ट के मुताबिक नशा मुक्ति केंद्र के नाबालिग मरीज से आशीष गौतम का कई बार विवाद हुआ था। पूछताछ और पड़ताल में सामने आया कि आशीष गौतम अक्सर नाबालिग मरीज के साथ गाली-गलौज, मारपीट कर धमकी देता था। इसी बात से परेशान होकर नाबालिग रंजिश रखने लगा था और मौका मिलने पर दो दिन पूर्व शौचालय में आशीष के गले पर स्टील के नुकीले टुकड़े से गले पर वारकर और मफलर से गला घोटकर हत्या करने की बात कबूल की है।