ज्वालापुर कोतवाली में कोतवाल और रानीपुर विधायक के करीबी भाजपा नेता के बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद भाजपाइयों ने कोतवाली घेर ली और धरने पर बैठ गए। विधायक आदेश चौहान भी कोतवाली पहुंच गए। कोतवाली में नारेबाजी करते हुए हंगामा काटा। ये पहला मौका नहीं है जब विधायक और उनके समर्थकों ने कोतवाली घेरी हो, इससे पहले भी कई बार ऐसा हो चुका है।
जानकारी के मुताबिक, भाजपा नेता व रानीपुर विधायक आदेश चौहान के करीबी माने जाने वाले वरुण वशिष्ठ रविवार की देर शाम कोतवाली ज्वालापुर पहुंचे। यहां कोतवाल के कमरे में पहुंचकर किसी काम के सिलसिले में बात की। इसको लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। बताया गया कि कोतवाल प्रदीप बिष्ट ने बाहर जाने के लिए कह दिया। इसके बाद मामला तूल पकड़ गया। वरुण ने ये बात विधायक आदेश चौहान और अपने साथी कार्यकर्ताओं को दे दी। इसके बाद कोतवाली में सभी पहुंच गए और धरने पर बैठ गए।
इधरए रानीपुर विधायक आदेश चौहान भी कोतवाली पहुंच गए। भाजपाइयों ने नारेबाजी करते हुए हंगामा किया। हंगामे की जानकारी मिलते ही एसपी क्राइम पंकज गैरोला, सीओ ज्वालापुर शांतनु पाराशर मौके पर पहुंचे। उन्होंने सभी को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कार्यकर्ता कोतवाल के माफी मांगने या फिर मामले में मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लगे। देर रात तक भाजपाइयों का धरना जारी था।