ग्रामीण पर घर में घुसकर तमंचे से फायरिंग कर जानलेवा हमले के मामले आरोपी को न्यायालय से अग्रिम जमानत नहीं मिल सकी। अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ गंभीर आरोप में प्राथमिकी दर्ज होने और पूर्व में भी मामला दर्ज होने की दलील दी गई। इसके बाद अपर सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार सिंह ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने बताया कि लक्सर कोतवाली के मुंडाखेड़ा कलां गांव निवासी प्रेम सिंह ने कोतवाली में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में बताया कि 18 मई 2026 को गांव के तीन युवकों आरोपी राजा, टीपू और जीतू ने बाइक से टक्कर माने के बाद उनपर तमंचा तानकर गोली चलाने का प्रयास किया था।
उन्होंने आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद से आरोपी उन पर प्राथमिकी वापस लेने का दबाव बना रहे थे। 6 जुलाई की शाम को आरोपी उनके घर आए और केस वापस लेने का कहा। उनके इन्कार करने पर एक युवक ने तमंचा निकालकर उन पर गोली चला दी। इसमें वह बाल-बाल बचे।
मामले में आरोपी विकास उर्फ राजा की ओर से न्यायालय को प्रार्थनापत्र देकर बताया गया कि घटना के दिन वह अपनी रिश्तेदारी में गया था। स्वयं पर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए आरोपी ने न्यायालय से अग्रिम जमानत की मांग की। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। आरोपी के खिलाफ पहले भी मामला दर्ज है। उन्होंने अग्रिम जमानत का विरोध किया। बचाव और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुननें के बाद अपर सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार सिंह ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।