एक व्यक्ति ने डीएम, एसएसपी और सीएमओ को पत्र भेजकर एक नर्सिंग होम के संचालक पर उसकी बेटी के इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। आरोप है कि लापरवाही के कारण सैप्टिक होने के चलते बेटी की जान चली गई। व्यक्ति ने मामले में कार्रवाई की मांग की है।
लक्सर नगर निवासी इस्तेकार ने डीएम, एसएसपी और सीएमओ को भेजे पत्र में कहा है कि मई में उनकी बेटी शाहजहां (17) के पेट में कुछ दिक्कत हुई थी। परिजनों ने रुड़की के एक डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने भर्ती कर इलाज करने की बात कही, लेकिन कोरोना के चलते हरिद्वार और रुड़की के अस्पतालों में जगह नहीं मिली। लिहाजा उन्होंने लक्सर-रायसी मार्ग स्थित एक नर्सिंग होम में बेटी को भर्ती करा दिया। नर्सिंग होम संचालक ने ऑपरेशन में एक लाख साठ हजार रुपये खर्चा आने की बात कही। पूरी रकम जमा करने के बाद ऑपरेशन कर डॉक्टर ने उसे घर भेज दिया। आरोप है कि तीन दिन बाद बेटी की अचानक तबीयत खराब हो गई। वह उसे नर्सिंग होम में लेकर गए तो डॉक्टर ने दूसरी जगह दिखाने की बात कही। वह बेटी को लेकर देहरादून गए। यहां से डॉक्टरों ने उसे चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया। वहां डॉक्टरों ने गलत ऑपरेशन करने की वजह से सैप्टिक होने की बात कही। पीजीआई में भर्ती कराने के अगले दिन ही उसकी मौत हो गई। उधर, नर्सिंग होम संचालक का कहना है कि मरीज अस्पताल से बिल्कुल सही गया था। आरोप पूरी तरह से गलत हैं।