कांवड़ यात्रा पूरी हो जाने के बाद अब खानपुर क्षेत्र समेत जिले में बागड़ यात्रा शुरू हो गई है। बागड़ यात्रा में क्षेत्रवासी राजस्थान जाते हैं और भगवान गोगा जाहरवीर की महाड़ी पर माथा टेककर लौटते हैं। लौटने पर बड़े भोजन कंदूरी का आयोजन होता है।
इस बार कोरोनाकाल के दो साल बाद हरिद्वार से लगभग चार करोड़ कांवड़िए जल भरकर रवाना हुए। 26 जुलाई को महाशिवरात्रि के बाद कांवड़ यात्रा पूरी हो गई थी। अब सोमवार से खानपुर क्षेत्र सहित पूरे जनपद में बागड़ यात्रा का सिलसिला शुरू हो गया है। प्रह्लादपुर के श्री दुर्गा माता मंदिर के पुजारी विनोद शर्मा ने बताया कि बागड़ यात्रा में लोग राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के विधानसभा भादरा स्थित गोगाजी की महाड़ी पर माथा टेक कर आते हैं।
उन्होंने बताया कि लौटने पर उनके घर में बड़े भोजन कंदूरी का आयोजन होता है। इसमें कढ़ी और चावल का प्रसाद प्रमुख रूप से बनाया जाता है। पुजारी विनोद शर्मा ने बताया कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बागड़ यात्रा में हिस्सा लेने के लिए किसी निमंत्रण की जरूरत नहीं पड़ती और कंदूरी में भी किसी को निमंत्रण नहीं भेजा जाता है। जिसे जानकारी मिलती है वह कंदूरी में भाग लेने जरूर आता है। सोमवार से क्षेत्र से दर्जनों जत्थे बागड़ यात्रा के लिए हरिद्वार के लिए रवाना हो गए।