-10 मार्च की रात को नगला खिताब गांव में ग्रामीण के घर फायरिंग का आरोप
लक्सर। नगला खिताब गांव में युवक के घर पर फायरिंग करने के मामले में गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय से राहत नहीं मिल सकी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार सिंह ने अपराध को गंभीर मानते हुए आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने बताया कि लक्सर कोतवाली क्षेत्र के नगला खिताब गांव निवासी वादी गौरव ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उनके परिचित एक युवक को ब्लैकमेल कर पैसों की मांग की जा रही थी। उन्होंने आरोपियों को रोकने का प्रयास किया था। इससे नाराज आरोपियों ने 10 मार्च की रात को उनके घर पर तमंचों से फायरिंग कर दी थी। आरोपियों ने घर में घुसकर गाली गलौज करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। मामले में पुलिस ने चार नामजद आरोपी विशाल उर्फ विशू, कार्तिक, गुरमीत, अक्षय निवासीगण मुंडाखेड़ा और अज्ञात के खिलाफ जानलेवा हमले के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी कर चुकी है। इस बीच गिरफ्तार आरोपी गुरमीत ने स्वयं को निर्दोष बताते हुए न्यायालय में जमानत के लिए याचिका दायर की थी। बचाव पक्ष ने आरोपों को निराधार बताया था। अभियोजन पक्ष की ओर से अपनी दलीलों में इसका विरोध किया गया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि आरोपी ने अपने साथियों के साथ युवक पर जानलेवा हमला किया था। पुलिस ने मौके से कारतूस के खोखे बरामद किए हैं। आरोपियों से तमंचा और जिंदा कारतूस भी बरामद हुए। उन्होंने जानलेवा हमले के मामले को गंभीर अपराध बताते हुए जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार सिंह ने आरोपी पर लगे आरोपों को गंभीर मानते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी है।