क्षेत्र के प्रह्लादपुर गांव स्थित भूमिया खेड़ा परिसर में शुक्रवार से श्रीमद्भागवत कथा का विधि-विधान के साथ शुभारंभ हो गया। कथा के पहले दिन महिलाओं और श्रद्धालुओं की ओर से कलश यात्रा निकाली गई।
श्रद्धालु महिलाओं और भक्तों ने गांव की परिक्रमा की। इसके बाद प्राचीन शिव मंदिर परिसर से महिलाएं कलशों में जल भरकर कथा पंडाल तक पहुंचीं। कलश यात्रा के समापन के बाद श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन प्रारंभ हुआ। कथा वाचन करते हुए आचार्य अमित कृष्णानंद ने कहा कि सत्य और सच्चाई के मार्ग पर चलने वाले व्यक्ति भगवान को भी प्रिय होते हैं।
उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों का उल्लेख करते हुए कहा कि मनुष्य को जीवन में कभी विचलित नहीं होना चाहिए। सतमार्ग पर चलकर ही मानव जीवन सफल होता है। वहीं पंडित नारायण मिश्रा ने कहा कि मनुष्य के जीवन में अनेक प्रकार की परेशानियां आती हैं। उन्होंने महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि अर्जुन और दुर्योधन दोनों के जीवन में कठिनाइयां आईं लेकिन अर्जुन ने सत्य का मार्ग चुना और अंततः विजय प्राप्त की। उन्होंने कहा कि मनुष्य को धैर्य रखकर सोच-समझकर प्रत्येक कार्य करना चाहिए। इस अवसर पर संदीप खटाना, ममता देवी, अश्वनी कुमार, संगीता रानी, पूनम धीमान, वासु, नेहा, मोहित कुमार, तारा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।