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सड़क सुरक्षा को लेकर हाईवे से हटेगा अतिक्रमण

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अमर उजाला ब्यूरो
रुड़की। हाई-वे पर जाम और कांवड़ यात्रा को सुगम बनाने के लिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने मंगलवार को अधिकारियों के साथ बैठक में दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर से दो-दो मीटर तक सभी प्रकार के अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया है। हाई-वे के बीच में स्लाइडिंग बैरियर लगाने और मिलिट्री चौक की चौड़ाई कम करने का भी निर्णय लिया गया। कांवड़ पटरी मार्ग के सुधार का काम जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए गए।
जेएम नितिका खंडेलवाल ने विभिन्न विभागों के अफसरों के साथ तहसील स्थित सभागार में बैठक ली। सड़क सुरक्षा और जाम की समस्या से मुक्ति के लिए हाई-वे के बीच में स्लाइडिंग बैरियर लगाने का निर्णय लिया गया। ताकि वाहनों की कई लेन लगने से जाम की स्थिति पैदा न हो। इस दौरान पुलिस क्षेत्राधिकारी स्वपन किशोर सिंह ने कहा कि कांवड़ सीजन में कावड़ियों की बड़ी संख्या को देखते हुए सबसे अधिक दिक्कत वाहनों को निकालने में आएगी। तय किया गया कि हाई-वे पर दोनों ओर दो-दो मीटर तक का अतिक्रमण हटाया जाएगा। साथ ही मिलिट्री चौक का घेरा भी कम किया जाएगा। इसके साथ-साथ पुलिस विभाग को कांवड़ यात्रा में रूट डायवर्जन को लेकर होमवर्क करने के निर्देश दिए गए। कांवड़ पटरी को जल्द दुरस्त करने को भी कहा गया।
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जेएम ने कहा कि कांवड़ से पहले सभी विभाग अपनी तैयारियां पूरी कर लें। बाद में किसी प्रकार की परेशानी आने पर संबंधित विभाग पर कार्रवाई होगी। इस दौरान पीडब्लूडी के ईई अशोक कुमार, एमएनए अशोक कुमार पांडे, ऊर्जा निगम के ईई अनुप कुमार, कोतवाल साधना त्यागी, यातायात निरीक्षक बिपेंद्र सिंह, एडीबी से संजीव कुमार, ऊर्जा निगम के एसडीओ राजीव चक्रवर्ती, एएस बिष्ट, एई विवेक कुमार सोनी आदि मौजूद रहे।


सुरक्षा इंतजामों को लेकर मांगा प्रस्ताव
गंगनहर में लगातार हो रहे हादसों को लेकर भी बैइक में चर्चा हुई। जेएम ने गंगनहर किनारे सुरक्षा के इंतजाम करने के लिए सिंचाई विभाग से प्रस्ताव मांगा है। सिंचाई विभाग के अफसरों का कहना था कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से चेन आदि की व्यवस्था की गई थी, लेकिन यह चेन चोरी हो जाती है। अधिकारियों ने सुरक्षा को लेकर कई सुझाव जेएम को दिए। इस पर जेएम ने सिंचाई विभाग को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। जेएम ने कहा कि प्रस्ताव को आपदा विभाग से स्वीकृत कराने के बाद सुरक्षा के इंतजाम कराए जाएंगे।


भूमिगत बिजली लाइन डालने पर आपत्ति
मछली मोहल्ले से गंगनहर तक भूमिगत बिजली लाइन डालने पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने आपत्ति जताई है। जेएम ने ऊर्जा निगम और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को संयुक्त रूप से मौके का निरीक्षण करने के बाद काम की रूपरेखा मांगी है। ऊर्जा निगम मछली मोहल्ले से गंगनहर तक बिजली की भूमिगत लाइन डाल रहा है। यह लाइन जलसंस्थान की छह तथा ग्यारह फीट गहरी लाइन के बीच से होकर गुजरेगी। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि बरसात के दिनों में गंगनहर का जलस्तर बढ़ने से दोनों ओर करीब पांच-पांच मीटर तक जमीन पानी से लबालब रहती है। ऐसे में किसी भी हादसे के लिए कौन जिम्मेदार होगा। वहीं ऊर्जा निगम के अधिकारी का दावा है कि लाइन को इस तरह डाला जाएगा कि किसी प्रकार का कोई हादसा नहीं होगा।
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नई लाइन से नहीं जुड़ सके चालीस कनेक्शन
बैठक के बाद जेएम ने एडीबी व जलसंस्थान के अधिकारियों ने पानी कनेक्शन को लेकर वार्ता की। एडीबी के अधिकारियों का कहना था कि ग्यारह हजार से अधिक कनेक्शन एडीबी की ओर से डाली गई लाइन से जोड़े जाने थे। इनमें केवल चालीस कनेक्शन नहीं जुड़ पाए हैं। एडीबी के अधिकारियों का कहना था कि जल संस्थान के कर्मचारियों को प्रशिक्षण देकर कनेक्शन जोड़ने का काम किया जाएगा।
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