ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
उत्तराखंड के गन्ना आयुक्त ललित मोहन रयाल ने उत्तर प्रदेश में आवंटित दो तौल केंद्रों को निरस्त करने की सिफारिश वहां के गन्ना आयुक्त से की है। उत्तराखंड के गन्ना आयुक्त को शिकायत मिल रही थी कि यूपी के दोनों तौल केंद्रों की आड़ में बाहरी गन्ना आ रहा है। इसके चलते उत्तर प्रदेश के गन्ना आयुक्त ने सिफारिश की है।
किसान-मजदूर संगठन सोसायटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश अग्रवाल ने पिछले दिनों गन्ना विभाग के अधिकारियों को शिकायत करते हुए बताया था कि जिले के एक शुगर मिल को रामसहायवाला में दो तौल केंद्र आवंटित हैं, जिस पर उक्त शुगर मिल द्वारा गन्ना खरीदा जाता है। दोनों तौल केंद्रों को 2.49 क्विंटल गन्ने की खरीद की अनुमति दी गई है, लेकिन इन तौल केंद्रों पर इससे कहीं ज्यादा गन्ना खरीदा जाता है, जिससे बाहरी गन्ना प्रदेश में आ रहा है। इस तरह की शिकायत उत्तराखंड के गन्ना आयुक्त ललित मोहन रयाल को भी की गई थी। इसके बाद गन्ना आयुक्त ने मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के गन्ना आयुक्त को पत्र भेजा है। इसमें उत्तराखंड गन्ना आयुक्त ने कहा कि दोनों तौल केंद्रों के माध्यम से बाहरी गन्ने के उत्तराखंड में आने की प्रबल संभावना है। लिहाजा दोनों तौल केंद्रों का आवंटन निरस्त किया जाए। उत्तराखंड गन्ना आयुक्त ललित मोहन रयाल ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद उत्तर प्रदेश के गन्ना आयुक्त को इस बाबत पत्राचार किया गया है। इस पर कार्रवाई उत्तर प्रदेश के गन्ना आयुक्त द्वारा ही की जाएगी।
अब केंद्र सरकार से भी की शिकायत
किसान-मजदूर संगठन सोसायटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश अग्रवाल ने बताया कि शर्करा निदेशालय भारत सरकार के निदेशक सुरेश चंद्रा को भी मामले की शिकायत की गई है। उन्होंने निदेशक को पूरे मामले से ई-मेल के माध्यम से शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की है।