लक्सर। गर्मी बढ़ने से पशुओं में सनस्ट्रोक बीमारी का खतरा बढ़ गया है। इससे पहले पशुओं की त्वचा में सिकुड़न औश्र दुग्ध उत्पादन क्षमता घट जाती है।
लक्सर तहसील क्षेत्र में खूब पशुपालन किया जाता है, लेकिन बदलता मौसम पशुओं कि सेहत पर भारी पड़ रहा है। पशु चिकित्सकों की मानें तो गर्मी में पशुओं में लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। अधिक समय तक धूप में रहने पर पशुओं को सनस्ट्रोक बीमारी हो सकती है। गर्मी से राहत दिलाने को पालकों को अपने पशुओं का खास ध्यान रखना चाहिए। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीसी कर्नाटक ने बताया कि अगर पशु ज्यादा समय तक खुली धूप के संपर्क में रहता है तो वह सनस्ट्रोक की चपेट में आसानी से आ सकता है।
रोग के लक्षण
पशुओं की खाल सिकुड़ना, नाक का सूखना, तेज बुखार, चारा न खाना, आंख का लाल होना, पतला दस्त, मुंह के आसपास झाग आना।
कैसे करें रोकथाम-
>> पशु को धूप में बिल्कुल न बांधें।
>> पशुशाला हवादार होनी चाहिए।
>> पशुपालकों को अपने पशुओं को रोज कम से कम दो बार नहलाना चाहिए।
>> ज्यादा देर तक रखा हुआ पानी पशुओं को न पिलाएं।