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आज पुलिस प्रशासन की दोहरी परीक्षा

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रुड़की। पुलिस प्रशासन के लिए शनिवार को कड़ी परीक्षा का दिन होगा। एक ओर जहां गर्मी सीजन के पहले स्नान पर्व पर उमडने यात्रियों को जाम से बचाने की चुनौती होगी। वहीं दूसरी ओर आंबेडकर जयंती के मद्देनजर गांवों में सुरक्षा व्यवस्था कायम रखने का भारी जिम्मा होगा। बता दें कि क्षेत्र में आंबेडकर जयंती को लेकर नौ गांव संवेदनशील हैं। जिन पर पुलिस प्रशासन का पूरा फोकस है।
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डॉ.भीमराव आंबेडकर की जयंती विगत दो अप्रैल को रुड़की और आसपास के क्षेत्रों में हुए बवाल के बाद संवेदनशील हो गई है क्योंकि बवाल की प्रतिक्रिया के बाद सवर्ण समाज की ओर से विगत 10 अप्रैल को भारत बंद की घोषणा की गई थी। ऐसे में माना जा रहा है कि गांवों में दलित और सवर्ण समाज के बीच की खाई पहले से ज्यादा चौड़ी हो गई है। पूर्व के वर्षों में भी आंबेडकर जयंती के उपलक्ष में निकाली गई शोभायात्राओं में भारी विवाद हो चुके हैं। ऐसे में फिर से कोई बड़ा बवाल सामने न आ जाए। इसे लेकर जिला ही नहीं बल्कि शासन स्तर के अधिकारी भी सतर्क हैं। एडीजी कानून व्यवस्था अशोक कुमार की ओर से एसएसपी हरिद्वारको सभी प्रकार के ठोस कदम उठाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। जिस तरह से शुक्रवार को रुड़की और आसपास के क्षेत्रों पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स ने शक्ति प्रदर्शन किया है। उससे साफ हो रहा है कि पुलिस प्रशासन को खुफिया विभाग से जो रिपोर्ट मिल रही है उसके अनुसार गांवों में मामला शांत नहीं है। हलांकि पुलिस ने सभी परिस्थितियों के निपटने की तैयारी कर दी है। इसमें सबसे बड़ी दिक्कत इस बात की है कि, शनिवार को जहां एक ओर पुलिस को गांव की जातीय संघर्ष से निपटना होगा। वहीं दूसरी ओर गंगा स्नान के चलते हाईवे पर लगने वाले भारी जाम से निपटना होगा।

21 शोभा यात्राओं को प्रशासन की मंजूरी
रुड़की। शनिवार को आंबेडकर जयंती के उपलक्ष में प्रशासन की ओर से 21 शोभायात्राओं को अनुमति दी गई है। जबकि पांच आवेदनों को पुलिस की ओर से रिपोर्ट में आपति जतायी जाने के चलते उन्हें अनुमति नहीं दी गई। जिसके चलते गांव के लोगों ने तहसील पहुंचकर विरोध जताया।
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ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बताया कि कुछ मामलों में पुलिस से दोबारा रिपोर्ट मांगी गई है जिसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
आंबेडकर जयंती पर शोभायात्रा को लेकर कई गांव के लोग कभी कोतवाली तो कभी तहसील की दौड़ लगाते रहे। शुक्रवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की ओर से 21 शोभायात्राओं को अनुमति प्रदान की गई। लेकिन पांच शोभायात्राओं की अनुमति पर रोक लगा दी गई। ऐसे ही झबरेड़ा क्षेत्र के बूड़पुर गांव से जुड़े मामले में पहुंचे दलित समाज के लोगों ने तहसील पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान अजय, अनूप, देशराज, जौनी, सतीश्, बालेश, बिरमसिंह, रविंद्र, मिंटू आदि का कहना था कि उनके गांव में हर साल शोभायात्रा निकाली जाती है लेकिन कुछ सवर्ण समाज के लोग जानबूझकर विरोध कर रहे हैं और पुलिस भी उन्हीं का साथ दे रही है। जिससे गांव में तनाव की स्थिति है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नितिका खंडेलवाल ने बताया कि इस तरह के कुछ मामले सामने आए हैं। जिनकी दोबारा जांच करायी जा रही है।
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