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भुगतान को लेकर डीएम ने शुगरमिलों को जारी किये नोटिस

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रुड़की। जिलाधिकारी दीपक रावत ने तीनों शुगर मिलों को नोटिस जारी कर जल्द से जल्द भुगतान करने के आदेश दिए हैं। डीएम ने कहा कि यदि जल्द ही बकाया भुगतान जारी नहीं किया तो मिलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। क्षेत्र की तीन शुगर मिलों पर करीब 430 करोड़ से अधिक का भुगतान बकाया है।
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तीनों शुगर मिल के पेराई सत्र 2016-17 के भुगतान की बात करें तो पेराई सत्र के समाप्त होने के कुछ दिनों बाद ही लक्सर शुगर मिल ने पूरा भुगतान जारी कर दिया था। इसके बाद लिब्बरहेड़ी शुगर मिल भी भुगतान कर दिया था, लेकिन इकबालपुर शुगर मिल ने अपना पूरा भुगतान नहीं किया था। हालांकि छह नवंबर 2017 को जहां इकबालपुर शुगर मिल ने अपना 2017-18 का पेराई सत्र शुरू कर दिया था। इकबालपुर के साथ-साथ 28 अप्रैल को लिब्बरहेड़ी और दस नवंबर को लक्सर शुगर मिल ने अपना पेराई सत्र शुरू किया था। इसके बाद से तीनों शुगर मिल लगातार धीरे-धीरे भुगतान कर रहे हैं। लेकिन भुगतान की धीमी गीति के चलते अब फिर से तीनों शुगर मिलों पर 430 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान बकाया हो गया है, ऐसे में अब जबकि पेराई सत्र समाप्त होने वाला है। तो इतनी बड़ी मात्रा में बकाया भुगतान किसानों के लिए आर्थिक संकट का सबक बनता जा रहा है। इसके चलते जिलाधिकारी दीपक रावत भुगतान को लेकर सख्ती दिखाई है। डीसीओ आशीष नेगी ने बताया नियमानुसार शुगर मिलों द्वारा जितनी चीनी बेची जाती है। उसका 85 प्रतिशत शुगर मिलों द्वारा भुगतान के रूप में जारी किया जाता है, लेकिन शुगर मिलों में भुगतान की गति काफी धीमी है। जिसके चलते जिलाधिकारी की ओर से तीनों शुगर मिलों को नोटिस जारी किया गया है। इस संबंध जिलाधिकारी दीपक रावत ने बताया कि मिलों का नोटिस जारी कर जल्द से जल्द भुगतान के आदेश दे दिए गए हैं। 10-15 दिनों में भुगतान नहीं होता है तो मिलों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए जाएंगे।

इकबालपुर मिल का पेराई सत्र आज से बंद
रुड़की। इकबालपुर शुगर मिल आज (शनिवार) से पेराई सत्र समाप्त करने जा रहा है, वहीं, दूसरी ओर लक्सर शुगर मिल का पेराई सत्र अप्रैल भर चलने की उम्मीद है। इसके साथ ही लिब्बरहेड़ी शुगर मिल के 25 अप्रैल तक चलने की संभावना जताई जा रही है।
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इकबालपुर शुगर मिल ने सबसे पहले पेराई सत्र 28 अक्तूबर को शुरू किया था। इसके बाद लिब्बरहेड़ी छह नवंबर और लक्सर दस नवंबर को शुरू हुआ था। इसके बाद से लगातार शुगर मिल गन्ने की पेराई कर रही है। करीब पांच माह से अधिक का पेराई सत्र पुराने होने के बाद अब शुगर मिलों को पर्याप्त गन्ना नहीं मिल रहा है। इससे आए दिन शुगर मिलों में नो-केन की स्थिति बन रही है। गन्ने की आवक सबसे कम होने के कारण इकबालपुर शुगर मिल में प्रत्येक दिन 14-14 घंटों तक नो-केन हो रहा है। इसके चलते इकबालपुर शुगर मिल ने पेराई सत्र समाप्त करने का अंतिम नोटिस जारी कर चुका है। इसमें 14 अप्रैल को पेराई सत्र समाप्त करने जा रहा है। इसके साथ ही गन्ना विभाग के अधिकारियों का दावा है कि लिब्बरहेड़ी शुगर मिल से संबंधित अधिकतर गन्ने की पेराई हो चुकी है। इससे यहां भी नो-केन की स्थिति बन रही है। इससे यह शुगर मिल भी करीब 25 अप्रैल तक पेराई सत्र पुरा कर सकता है, लेकिन लक्सर शुगर मिल में गन्ने की आवक संतोषजनक है। इससे यह शुगर मिल अप्रैल बाद तक भी चलने की उम्मीद है। डीसीओ आशीष नेगी ने मामले की जानकारी दी है।
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