पिरान कलियर। गैरसैंण सत्र में हुई घोषणा के अनुसार सरकार भले ही पिरान कलियर को पर्यटन स्थल का दर्जा देने जा रही है, लेकिन गंगनहर के घाटों पर जायरीनों की सुरक्षा के कहीं कोई इंतजाम नहीं हैं। गंगनहर में न कहीं जंजीरें आदि लगाई गई हैं और न सचेत करने के लिए कहीं बोर्ड आदि लगाए गए हैं। यह आलम तब है जब हर वर्ष डूबने से कई लोगों की मौत हो चुकी है।
गर्मियां शुरू होते ही गंगनहर में नहाने वाले युवाओं और जायरीनों की भीड़ जुटने लग जाती है। गंगनहर में कई ऐसे खतरनाक क्षेत्र हैं जहां छलांग लगाते ही नहाने वाले बहे जाते हैं। पिछले एक-डेढ़ माह में ही कलियर गंगनहर में नहाते समय भारापुर निवासी एक बच्चा डूब गया था। तीन जायरीनों की भी डूबने से मौत हो गई थी। बाहर से आने वाले जायरीनों को यह अंदाजा नहीं रहता है कि गंगनहर में कहां तक जाना सुरक्षित है। इसके लिए चेतावनी के बोर्ड लगाए जाने चाहिए, लेकिन कोई प्रशासनिक अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा है। इस संबंध में अलसाबरी वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष कासिम खान, सपा नेता मौसम अली, नाजिम त्यागी, इस्तिकार प्रधान, अनवर जमाल काजमी, खालिद साबरी आदि का कहना है कि प्रशासन को गंगनहर के खतरनाक जगहों पर चेतावनी के बोर्ड आदि लगाने चाहिए। साथ ही गर्मियों में गोताखोरों की व्यवस्था भी की जानी चाहिए।