फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दो दिन का होगा मकर संक्रांति का संयोग, बनेगा सर्वार्थ सिद्ध योग

विज्ञापन
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला, लक्सर/खानपुर
विज्ञापन

मकरसंक्रांति के योग इस बार दो दिन बन रहे हैं। साथ ही इस बार सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। सूर्यदेव मकर संक्रांति की रात्रि (14 जनवरी 2019) 8:08 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे, जो 15 जनवरी (मंगलवार) दोपहर 12 बजे तक मकर राशि में रहेंगे। इसलिए 15 जनवरी (मंगलवार) 2019 को दोपहर 12 बजे से पूर्व ही स्नान दान का शुभमुहूर्त है।
हिंदूधर्म में मकरसंक्रांति को खास त्योहार माना जाता है। देशभर में मनाया जाने वाला यह पर्व इस बार दो दिन होगा। इस दिन खिचड़ी का प्रसाद बांटकर सूर्य का पूजन किया जाता है। गुड़-तिल, रेवड़ी, गजक का प्रसाद बांटने से भी पुण्य मिलता है। यह त्योहार प्रकृति, ऋतु परिवर्तन और खेती से जुड़ा है। इन्हीं तीन चीजों को जीवन का आधार भी माना जाता है। सूर्य की स्थिति के अनुसार, ऋतुओं में बदलाव होता है और धरती अनाज पैदा करती है। प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य संदीप भारद्वाज शास्त्री और पंडित राजेश शर्मा का कहना है कि इस दिन से सूर्य उत्तरायण होता है। ऐसी मान्यता है कि इसी दिन सूर्यदेव मकर राशि में प्रवेश करते हैं। दक्षिणायण को देवताओं की रात्रियानी नकारात्मकता का प्रतीक और उत्तरायण को देवताओं का दिन यानी सकारात्मकता का प्रतीक माना गया है। इसलिए इस दिन जप, तप, दान, स्नान, श्राद्ध, तर्पण आदि धार्मिक कार्यों का खास महत्व है। ऐसी धारणा है कि इस अवसर पर दान सौ गुना बढ़कर फिर मिल जाता है। इस दिन शुद्ध घी और कंबल का दान मोक्ष की प्राप्ति कराता है। सांई शनि धाम मंदिर के पुजारी ज्योतिषाचार्य पंडित अवनीश शर्मा के अनुसार, मकरसंक्रांति पर अमृत सिद्धि, सर्वार्थ सिद्धि और रवि योग भी रहेगा। ये तीनों ही योग शुभ माने गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

शुरू हो जाएंगे मांगलिक कार्य
सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने से मलमास समाप्त होगा, जिससे मांगलिक कार्य, विवाह, मुंडन संस्कार, गृह प्रवेश आदि शुरू हो जाएंगे। सूर्य जब मकर, कुंभ, मीन, मेष, वृष और मिथुन राशि में रहता है। तब ये ग्रह उत्तरायण होता है। जब सूर्य शेष राशियों कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक और धनु राशि में रहता है। तब दक्षिणायन होता है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें