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हादसे दर हादसे, कब टूटेगी नींद

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लक्सर। कस्बे में आए दिन हो रहे हादसों के बावजूद ओवरलोड वाहनों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। परेशान ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
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रायसी मार्ग पर 24 घंटे रेत-बजरी, लकड़ियों से भरे वाहन बिना रोकटोक के दौड़ते रहते हैं। जिसकी वजह से इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। 14 फरवरी को शेखपुरी गांव के निकट बाइक सवार अंकुर निवासी अब्दुल रहीमपुर अपनी पत्नी नीलम और बच्ची को बाइक पर लेकर लक्सर कस्बे में आ रहे थे। शेखपुरी गांव के निकट पीछे से आ रहे ओवरलोड ट्रक ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी थी। इससे महिला की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि उसकी बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस पर सीओ यातायात वीरेंद्र डबराल और सीओ चंदन सिंह बिष्ट ने स्कूल समय में ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी, लेकिन अधिकारियों का यह आदेश ओवरलोड वाहन मालिकों पर मात्र दो दिन दिखा। इसके बाद संपर्क मार्गों पर फिर से ओवरलोड वाहन दौड़ने लगे थे। बृहस्पतिवार को बहादरपुर फाटक के निकट स्कूटी सवार रुड़की क्षेत्र के शेरपुर गांव की गुड्डी को भी एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी। जिसे घायल अवस्था में हायर सेंटर रेफर कर दिया था लेकिन एक बार फिर शुक्रवार को ओवरलोड वाहन ने लक्सर कस्बे के सीमली मोहल्ला निवासी 14 वर्षीय मासूम किशोरी की जान ले ली। इसको लेकर ग्रामीणों में ओवरलोड वाहनों के प्रति नाराजगी है। ग्रामीण आदित्य चौधरी, कालूराम चौधरी, सुशील करणपुर, वीरेंद्र गुप्ता व निपेंद्र चौधरी आदि ने स्कूल समय में ओवरलोड वाहनों पर शिकंजा कसने की मांग की है। चेतावनी भी दी यदि जल्द ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर अंकुश नहीं लगाया तो ग्रामीण पुलिस और प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उधर एसडीएम कौस्तुभ मिश्र और सीओ चंदन सिंह बिष्ट का कहना है कि ओवरलोड वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
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