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बहना ने भाई की कलाई पर बांधा प्यार

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अमर उजाला ब्यूरो
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रुड़की। ‘बहना ने भाई की कलाई पर प्यार बांधा है...’ सोमवार को रक्षाबंधन को लेकर भाई-बहनों में भारी उत्साह देखने को मिला। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र की कामना की, वहीं भाइयों ने बहनों को उपहार के साथ रक्षा का वचन दिया। भले ही दो घंटे रक्षाबंधन का मुहूर्त रहा, लेकिन सुबह से शाम तक लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ।
रक्षाबंधन का सभी बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। सोमवार सुबह लोग जल्दी उठे और तैयार हो गए। रिवाज के मुताबिक लोगों ने अपने घरों की चौखटों पर रक्षाबंधन के शुभ स्लोगन लिखे अथवा चिपकाए और पूजा-अर्चना की। रविवार रात से लगी भद्रा रविवार सुबह 11.05 बजे समाप्त हो गई। भद्रा के समाप्त होते ही बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखियां बांधनी शुरू कर दी, जो बहनें बाहर से अपने भाइयों के घर आ रही थी। उनका प्रयास भी रहा कि दोपहर 1.53 बजे से पहले पहुंच जाएं। क्योंकि 1.53 बजे से चंद्रग्रहण का सूतक प्रारंभ हो रहा था। इन दो घंटों में बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। इसके बाद भाई से जीवनभर रक्षा करने का वचन लिया। दिन में भी भाइयों की कलाई राखियों से सजी हुई थी और माथे पर तिलक, बहनों के प्यार को बयां कर रहा था। यही कारण रहा कि मुहूर्त के बाद भी दिनभर राखियां बांधने और बंधवाने का सिलसिला चलता रहा।
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रक्षाबंधन पूरा दिन सोशल मीडिया पर भी छाया रहा। लोगों ने एक-दूसरे को व्हाट्सअप और फेसबुक आदि के माध्यम से रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी। जो भाई-बहन रक्षाबंधन पर एक-दूसरे के पास नहीं आ पाए उनके लिए सोशल मीडिया बड़ा माध्यम बना। मकतूलपुरी निवासी ज्योति ने बताया कि उसका भाई अमेरिका में है। उसने भाई को वीडियो कॉलिंग कर मोबाइल की स्क्रीन पर भाई को टीका किया। इससे ऐसा लगा कि जैसे उसका भाई उसके पास ही है। उसके बाद उसने श्री कृष्ण की मूर्ति को राखी बांधी। इसी तरह से मधुर ने बताया कि उनका भाई मुंबई में है। उन्होंने भाई को वीडियो कालिंग कर तिलक आदि लगाया।
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