ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की। प्रवेशोत्सव में पहुंचे जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) ब्रह्मपाल सिंह सैनी ने प्राथमिक विद्यालय बिझौली के प्रधानाध्यापिका सहित आठ शिक्षकों के वेतन पर रोक लगाई है। बच्चों के शौक्षिक स्तर बेहद नीचे होने और डीबीटी योजना के तहत खाते न खुलने के कारण कार्रवाई की गई है।
मंगलवार को प्राथमिक विद्यालय बिझौली में प्रवेशोत्सव में शामिल होने जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) ब्रह्मपाल सिंह सैनी पहुंचे। प्रवेशोत्सव को लेकर स्कूल में कोई तैयारी नहीं थी। इस पर डीईओ (बेसिक) ब्रह्मपाल सिंह सैनी भड़क गए। जबकि प्रवेशोत्सव के लिए पहले से ही सूचना दी गई थी। इसके साथ ही स्कूल में पंजीकृत 180 बच्चों में से मात्र 60 बच्चों के ही खातें डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के तहत खुलवाए गए है। वहीं, प्रवेशोत्सव के दिन 180 में से 87 बच्चे उपस्थित थे। जिला शिक्षाधिकारी ब्रह्मपाल सिंह सैनी ने बताया कि प्रधानाध्यापिका सहित आठ शिक्षकों के वेतन पर रोक लगाई गई है। वेतन पर रोक तब तक प्रभावी रहेगी, जब तक बच्चों के शौक्षिक स्तर में सुधार नहीं होता है। उन्होंने बताया कि प्रधानाध्यापिका जब बच्चों के शौक्षिक स्तर सुधरने की सूचना देंगी तब वेतन से रोक हटाई जाएगी।