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पंचायत ने सुनाया फैसला, परिणय सूत्र में बंधा प्रेमी जोड़ा

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ब्यूरो/अमर उजाला, खानपुर। शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने के बाद शादी से इनकार करने के मामले में बिरादरी की पंचायत ने अपना फैसला सुनाते हुए प्रेमी युगल को परिणय सूत्र में बांध दिया है। पंचायत के फैसले के बाद दोनों पक्षों के परिजनों ने दोनों की शादी भी करा दी है। लक्सर सीओ राजन सिंह ने प्रेमी और प्रेमिका की शादी की जानकारी होने की पुष्टि की है।
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खानपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी एक परिवार की लड़की का दल्लावाला के एक युवक से प्रेम प्रसंग चला आ रहा था। इस दौरान प्रेमी युवक ने युवती से शादी का झांसा देकर उससे शारीरिक संबंध बनाए थे। इसके बाद युवती गर्भवती हो गई। जब युवती ने प्रेमी से शादी की बात कही तो उसने शादी करने से इनकार दिया। तब से युवती युवक पर लगातार शादी करने का दबाव बनाती रही। इसी बीच एक हफ्ता पहले गोवर्धनपुर क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में युवती का सामान्य प्रसव हुआ। प्रसव के बाद युवती नवजात कन्या को चिकित्सक को सौंपकर चली गई। डॉक्टर ने बच्ची को यूपी की रहने वाली एक महिला को सौंप दिया। मामले की सूचना किसी ने हरिद्वार चाइल्ड हेल्प लाइन को दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए चाइल्ड हेल्पलाइन ने पुलिस की मदद से नवजात को बरामद कर लिया। बाद उसे नवजात को श्यामपुर की श्रीराम संस्था को सौंप दिया। मामला पुलिस के पास पहुंचा तो क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया। इसी बीच युवती के परिजन भी युवक पर शादी करने का दबाव बनाने लगे। परिजनों ने शादी न करने पर युवक के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी। मामला जानकारी में आने के बाद बिरादरी के लोगों ने पंचायत की। तीन दिन चली बिरादरी की पंचायत ने युवक-युवती की शादी कराने का फैसला सुनाया। पुलिस कार्रवाई के डर और बिरादरी के दबाव में युवक व उसके परिजनों ने भी युवती को अपनाने के लिए तैयार हो गए। बृहस्पतिवार को परिजनों ने दोनों की शादी भी करा दी गई।
...तो प्रसव के बाद बेचा गया नवजात
प्राइवेट अस्पताल में प्रसव के बाद युवती बच्चे को अस्पताल में छोड़कर चली गई थी। इसके बाद सवाल उठ रहा है कि अस्पताल से बच्चा यूपी की महिला के पास कैसे पहुंच गया। चर्चाएं हैं कि अस्पताल से नवजात को यूपी की महिला को बेचा गया है। आसपास के लोगोें की मानें तो अस्पताल में पहले भी बच्चे को बेचे जाने और गर्भपात जैसे मामले होते रहते हैं। हालांकि मामले में लाइल्ड हेल्पलाइन के हस्तक्षेप के बाद नवजात तो वापस आ गया, लेकिन इस पूरे मामले में अस्पताल प्रबंधक पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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