रुड़की। उत्तराखंड सूचना आयोग देहरादून ने समय पर सूचना न देने पर जनपद हरिद्वार के तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी जगमोहन सोनी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आरटीआई कार्यकर्ता ने प्राथमिक विद्यालय के एक प्रधानाध्यापक के शैक्षिक प्रमाणपत्रों के संबंध में सूचना मांगी थी।
पश्चिमी राजपूताना निवासी दीप्ती श्रीवास्तव ने 10 जुलाई 2014 को जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा हरिद्वार से नारसन विकासखंड के बिझौली स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक तालिब खान के संबंध में तीन बिंदुओं पर सूचना मांगी थी। जिनमें प्रधानाध्यापक तालिब खान के शैक्षिक एवं प्रशिक्षण योग्यता प्रमाणपत्रों की संबंधित विभाग (विश्वविद्यालय) से उनके शैक्षिक एवं प्रशिक्षण योग्यता प्रमाणपत्रों की सत्यापित कॉपी आदि मांगी गई थी। आरटीआई कार्यकर्ता को यह सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। बल्कि कहा गया कि 25 अक्तूबर 2015 को कथित अभिलेखागार में आग लगने से अभिलेख नष्ट हो गए हैं। पुर्नगठित करने की कार्यवाही अभी नहीं हुई है। इस पर आरटीआई कार्यकर्ता ने आयोग में अपील की। आयोग ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद पाया कि अपीलकर्ता को सूचना नहीं दी गई है। राज्य सूचना आयुक्त सुरेंद्र सिंह रावत इसे लापरवाही मानते हुए तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी जगमोहन सोनी पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जगमोहन सोनी वर्तमान में जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) बागेश्वर है। एक माह के भीतर राजकोष में यह धनराशि जमा कराए जाने के आदेश दिए हैं।