रुड़की। शिक्षा विभाग के कारनामे भी अजीबोगरीब हैं। कभी कोई शिक्षक प्रवासियों से वसूली करता पकड़ा जाता है तो कभी अवैतनिक अवकाश पर गए शिक्षक को वेतन जारी कर दिया जाता है। ताजा मामले नारसन ब्लॉक की एक शिक्षिका से जुड़ा है, जिसे अवैतनिक अवकाश के दौरान नियमों के विपरीत 25 महीने का वेतन जारी कर दिया है। शिकायत के बाद जिला शिक्षाधिकारी (बेसिक) ने उप शिक्षाधिकारी नारसन से जवाब तलब किया है।
पिछले दिनों नारसन ब्लॉक की एक शिक्षिका 1060 दिन के अवैतनिक अवकाश पर गई थी। नियमानुसार, यदि कोई शिक्षक अवैतनिक अवकाश पर जाता है तो उसके वेतन नहीं दिया जाता है जबकि मेडिकल पर गए शिक्षक को वेतन जारी किया जाता है। एक व्यक्ति ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से शिकायत करते हुए बताया कि नारसन ब्लॉक के शिक्षा अधिकारियों ने शिक्षक को 25 महीने का वेतन जारी कर दिया गया है, जो नियमानुसार गलत है। शिकायतकर्ता ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। इसके बाद जिला शिक्षाधिकारी (बेसिक) ब्रह्मपाल सिंह सैनी ने उप शिक्षाधिकारी नारसन बृजपाल सिंह से जवाब तलब किया है। उनकी ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि नियमों के विपरीत वेतन जारी कर राजकोष की हानि पहुंचाई गई है। इसका कारण बताया जाए।
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नारसन से शिक्षिका का 25 महीने का वेतन निकालने की शिकायत मिली है। इसके बाद मामले में उप शिक्षाधिकारी से जवाब मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-ब्रह्मपाल सिंह सैनी, जिला शिक्षाधिकारी (बेसिक)