अमर उजाला ब्यूरो
रुड़की। खुदाई के दौरान जेसीबी चालक से केबिल कटने से रेलवे का सिग्नल फेल हो गया। इससे रेल विभाग में अफरातफरी मच गई। साथ ही सभी स्टेशनों के लिए सूचना जारी कर दी। इससे जहां-तहां ट्रेनों को रोक दिया गया। करीब चार घंटे तक ट्रैक बाधित रहने से शताब्दी समेत 13 ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। जिसकी वजह से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
शुक्रवार देर शाम चुड़ियाला रेलवे स्टेशन पर ट्रैक के बराबर में रेल विभाग के ठेकेदार की जेसीबी खुदाई कर रही था। इससे पहले जेसीबी चालक को निर्देश दिए गए थे कि वह तभी खुदाई करेगा जब उसके साथ कोई विभागीय अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहेगा, लेकिन शुक्रवार शाम चालक ने निर्देशों को दरकिनार कर काम जल्द समाप्त करने के लिए बिना किसी की मौजूदगी में खुदाई शुरू कर दी। इस दौरान चालक से लाइन के बराबर में दबी सिग्नल की केबिल कट गई। इससे रेलवे सिग्नल एकाएक फेल हो गया। इससे रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सिग्नल ठीक करने के लिए पूरा महकमा जुट गया। इसी दौरान चालक जेसीबी लेकर फरार हो गया। करीब चार घंटे तक के लिए ट्रैक बाधित हो गया। इससे देहरादून-दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस को इकबालपुर में रोक दिया गया। इसके अलावा अन्य ट्रेनों को भी स्टेशनों पर रोकने की सूचना जारी कर दी। उसके बाद ट्रेनों को चुड़ियाला स्टेशन से कॉशन से गुजारा गया। इससे कई ट्रेनें घंटों लेट हो गई। इस दौरान यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
ट्रैक बाधित होने से देहरादून-दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस, दिल्ली से देहरादून जाने वाली जनशताब्दी एक्सप्रेस, इंदौर से देहरादून जाने वाली एक्सप्रेस एक घंटा लेट रही। दिल्ली-हरिद्वार पैसेंजर, ऋषिकेश-जम्मूतवी हेमकुंड एक्सप्रेस, हरिद्वार-बाडमेर एक्सप्रेस, हरिद्वार-अजमेर एक्सप्रेस, कोलकाता-जम्मूतवी एक्सप्रेस, मुरादाबाद-सहारनुपर पैसेंजर, लखनऊ-सहारनपुर पैसेंजर, देहरादून-अमृतसर लौहरी एक्सप्रेस समेत कई मालगाड़ियां प्रभावित रहीं।
आदेशों को दरकिनार कर केबिल काटकर सिग्नल फेल करने वाले चालक के खिलाफ जेसीबी के नंबर के आधार पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। आरपीएफ ने रेलवे के टेलीकॉम विभाग के जेई देशराज की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। आरपीएफ चौकी प्रभारी आरबी सिंह ने बताया कि आरोपी जल्द पकड़ा जाएगा।
इस संबंध में यातायात निरीक्षक पीके सिंह का कहना है कि शुक्रवार शाम रेलवे का केबिल कटने से सिग्नल फेल हो गया था। उसके बाद ट्रेनों को कॉशन से गुजारा गया था। इससे कई ट्रेनों के संचालन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन बाद में केबिल जोड़कर सिग्नल सही होने पर रेल यातायात सुचारु हो पाया।