रुड़की/लक्सर। बदलते मौसम में पशुओं में खुरपका और मुंहपका बीमारी की रोकथाम को लेकर पशुपालन विभाग अलर्ट हो गया है।
विभाग ने 28 टीमों का गठन कर टीकाकरण का काम शुरू कर दिया है। इस अभियान में दो टीमों को रिजर्व रखा गया है। 30 दिनों में टीकाकरण का काम खत्म होगा।
पशुपालन विभाग की ओर से पशुओं को खुरपका और मुंहपका बीमारी से बचाने के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। विभाग की ओर से जिले में 28 टीमों का गठन किया गया है। दो टीमें रिजर्व में रखी गई हैं। लक्सर तहसील के लक्सरी, अखोड़ा खुर्द, सादाबाद, नियामतपुर, रजबपुर, करनपुर, रगापुर, रायसी में कई पशु खुरपका और मुंहपका की बीमारी की चपेट में है। वहीं झबरेड़ा क्षेत्र के भक्तोंवाली गांव में भी कई पशु खुरपका की रोग की चपेट में हैं। रोग की रोकथाम करने के लिए पशुपालन विभाग ने टीकाकरण अभियान का तीसरा चरण शुरू कर दिया है। टीकाकरण अभियान के तहत जनपद में तीन लाख सात हजार पशुओं को टीकाकरण किया जाना है। पशुपालन विभाग के पास 4 लाख टीके उपलब्ध हैं। टीमों की ओर से 30 दिनों के भीतर टीकाकरण अभियान समाप्त किया जाएगा। इस अभियान में 4 माह से छोटे और गर्भित पशुओं को छोड़कर सभी पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा।
कोट-
जिले में पशुओं में खुरपका और मुंहपका बीमारी की रोकथाम के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान में तीन लाख सात हजार पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य है। जो कि 30 दिन में पूरा किया जाएगा। इस काम के लिए 28 टीमों का गठन किया गया है।
बीसी कर्नाटक, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी हरिद्वार