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कैश तो है नहीं, सुरक्षा से भी खिलवाड़

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रुड़की। रेकी कर हत्या व लूट जैसी जघन्य वारदातें सामने आने के बाद भी अधिकारी सबक लेने को तैयार नहीं हैं। आलम यह है कि शहर से लेकर देहात तक एटीएम में सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं है। इस ओर न तो बैंकों के अधिकारी कोई ध्यान दे रहे है और न ही पुलिस अधिकारी।
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शहर के एटीएम में सुरक्षा का अभाव है। आईडीबीआई बैंक के शताब्दी द्वार स्थित एटीएम पर कोई सुरक्षा कर्मी तैनात नहीं है। आईडीबीआई बैंक जैसा ही हाल शहर के रुड़की टाकिज स्थिति आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम, पंजाब एंड सिंध बैंक, यूनियन बैंक और एसबीआई के एटीएम पर भी कोई सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं है। एटीएम का यह आलम तब है जब एटीएम से निकलने वाले लोगों पर बदमाशों की पैनी नजर रहती हैं। पिछले छह माह में कई ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी है। जिसमें बदमाशों ने एटीएम से निकलने वाले लोगों की रेकी कर न केवल लूट की घटनाओं को अंजाम दिया, बल्कि विरोध करने पर मौत के घाट उतार दिया । इन बढ़ती घटनाओं से बैंक अधिकारी कोई सबक लेने को तैयार नहीं है। पुलिस प्रशासन भी समय रहते इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। किसी भी घटना के बाद पुलिस प्रशासन बैंक और एटीएम की सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करता है, लेकिन यह दावे सिर्फ दावे साबित हो रहे है।
अधर में लटका पुलिस का अभियान
पिछले दिनों सिविल लाइंस कोतवाली के तात्कालिक कोतवाल ऐश्वर्य पाल ने बैंकों की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को बैठक ली थी। जिसमें ऐसे बैंक अधिकारियों को कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी जिन बैंकों और एटीएम पर सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं है, लेकिन कोतवाल का स्थानांतरण हो जाने के बाद मामला भी दबकर रह गया ।
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सुरक्षाकर्मी के अभाव में बढ़ रहे ठगी के मामले
सुरक्षाकर्मी तैनात न होने के कारण कई-कई लोग एक साथ कई-कई लोग एटीएम में घूस जाते है। जिसका ठग गिरोह फायदा उठाते हुए एटीएम बदलकर ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे है।
पिछले दिनों कलियर में बदमाशों ने एटीएम को तोड़कर लूट का प्रयास किया था। यह तो अच्छा हुआ कि बदमाश अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सके थे। इसके साथ ही पिछले दिनों नारसन में भी एटीएम को काटकर लूट का प्रयास किया गया था। इन दोनों पर सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं थे।
नियमानुसार सभी बैंक एटीएम पर सुरक्षाकर्मी तैनात होने चाहिए। यदि किसी एटीएम पर सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं है, तो यह गंभीर विषय है। इसके बारे में जांच कराई जाएंगी।
-- अनिल कुमार झा, एलडीएम
बैंकों की सुरक्षा में भी लगती रही है सेंध
रुड़की। बैंक की सुरक्षा में भी सेंध लगती रही है। लक्सर के रेलवे के रिडायर्डकर्मी की हत्या कर लूट करने आदि कई वारदातें इसकी गवाही दे रही है।
समय-समय पर बैंकों की सुरक्षा में भी सेंध लगती रही है। यदि घटनाओं से नजर डालें तो करीब एक माह पहले रेलवेकर्मी की हत्या कर लाखों रुपयों की लूट की गई थी। पुलिस द्वारा किए गए खुलासे में सामने आया था कि बैंक से रेकी कर बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया था। इसके साथ ही इस साल ईट भट्टा कारोबारी की कार का पंचर कर बदमाशों ने कार में रखा बैंग साफ कर दिया था। बैंग में ढाई लाख की नगदी थी। इस घटना में भी बैंक से रेकी की बात सामने आई थी। जून माह में भगवानपुर कस्बे में बदमाशों ने पच्चीस हजार की नगदी से भरा थैला साफ कर दिया था। इस मामले में भी रेकी बैंक से करने की बात सामने आई थी। बदमाश लगातार बैंक के अंदर से रेकी कर घटनाओं को अंजाम दे रहे है। जिससे बैंकों पर तैनात सुरक्षाकर्मियों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
कैश न होने से हो रही परेशानी
रुड़की। बृहस्पतिवार को शेखर चौक स्थित एसबीआई के एटीएम और सिविल लाइंस स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक के एटीएम सहित कई बैंकों में कैश नहीं था। इस दौरान कैश लेने के लिए लोग दिनभर एटीएम पर पहुंचते रहे, लेकिन कैश न होने के कारण बैरंग लौटना पड़ा। जिसके चलते लोगों को परेशानी होती रही।
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