अमर उजाला ब्यूरो
रुड़की। सीबीआरआई में चल रहे सीएसआईआर प्लेटिनम जुबली विज्ञान मेले के तीसरे और अंतिम दिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और स्थानीय लोगों ने शिरकत की। प्रदर्शनी में रखे गए मॉडलों आदि के संबंध में छात्र-छात्राओं ने मौजूद विशेषज्ञों से सवाल जवाब कर जिज्ञासा शांत की।
शनिवार को बड़ी संख्या में पहुंचे छात्र-छात्राओं और अन्य लोगों ने मेले में लगाई गई प्रदर्शनी के जरिये विज्ञान के चमत्कारों को देखा। चंद्रशेखर पब्लिक स्कूल, आर्य कन्या इंटर कॉलेज, स्कॉलर्स एकेडमी, न्यू एरा पब्लिक स्कूल भगवानपुर, केएल पॉलिटेक्निक, आदर्श बाल निकेतन, स्काईवार्ड पब्लिक स्कूल आदि के विद्यार्थी शामिल रहे। मेले में विकसित प्रौद्योगीकी जैसे उपचारित टेनरी अपशिष्ट जल से जैव ऊर्जा, मिशन स्वच्छ भारत, पानी के अलवणीकरण की तकनीक, सुपरकोन्टिन्यूम स्रोत और कंफोकल माइक्रोस्कोप, हाईवॉल खनन तकनीक, रत्न प्रसंस्करण तकनीक कौशल भारत की पहल, चमड़े के लिए क्लीनर रसायन, सीएसआईआर ट्रेडिशनल नॉलेज डिजिटल लाइब्रेरी, पेटेंट सूचना विज्ञान, चाय न्यूट्रास्यूटिकल, मधुमेह रोगियों के लिए भोजन, अंधे लोगों के लिए कृत्रिम नेत्र गेंद, डीएन आधारित हेपेटाइटिस-बी वैक्सीन, अस्थि चिकित्सा के लिए दवाएं आदि को तकनीकी चार्ट की सहायता से दर्शाया गया।
वैज्ञानिक रवींद्र बिष्ट, डॉ. आरके वर्मा, सौमित्र मैती, स्वाति कुलशेकरी, चंचल सोनकर, नागेश बालम, डॉ. किशोर एस कुलकर्णी, डा. अतुल अग्रवाल, श्रीनिवास नायक, बीए मनोजीत सामंता आदि विशेषज्ञों ने विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में सीएसआईआर के कार्यों को तकनीकी चार्ट की सहायता से समझाया। इस दौरान विद्यार्थियों को संस्थान के सभागार में सीएसआईआर और सीबीआरआई की वैज्ञानिक अन्वेषणों और सफलताओं पर आधारित फिल्में दिखाई।