रुड़की। प्रदेश में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पुलिसकर्मियों द्वारा सामने महाव्रत किए जाने की चर्चाओं को लेकर शीतलहर के बाद भी पुलिस का माहौल गरमाया हुआ है। शनिवार को पुलिस अधिकारी निगरानी करते रहे कि क्या रुड़की और देहात क्षेत्र में तो इस तरह की कोई गतिविधि नहीं चल रही है। इसके लिए खुफिया तंत्र को भी लगाया गया। देर रात तक इस तरह की कोई गतिविधि सामने नहीं आई। अधिकारियों ने थानों में अपने अधीनस्थों के साथ खाना खाया।
वर्ष-2015 से ही पुलिस कर्मी अपनी विभिन्न मांगों के लिए लामबंद होने लगे हैं। उस समय रुड़की क्षेत्र के कुछ पुलिसकर्मी इस तरह की गतिविधि में संलिप्त पाए गए थे। एक कर्मचारी की संलिप्तता पर कलियर के तत्कालीन एसएचओ प्रमोद उनियाल को कुर्सी गंवानी पड़ी थी। अब नए सिरे से पुलिसकर्मियों द्वारा महाव्रत करने की बातें सामने आते ही प्रदेशभर में ऐसे पुलिसकर्मियों की पड़ताल की जा रही है जो इस अघोषित आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। महाव्रत शनिवार को किया जाना प्रचारित किया गया था फलस्वरूप दिनभर अधिकारी ऐसे कर्मचारियों को तलाशने में जुटे रहे। खुफिया विभाग के कर्मचारियों को भी लगाया गया लेकिन, देर शाम तक रुड़की और आसपास के किसी भी क्षेत्र में महाव्रत सरीखी कोई गतिविधि सामने नहीं आई। बल्कि यहां अधिकारियों ने दूसरा तरीका अपनाया। एसपी देहात मणिकांत मिश्रा और सीओ स्वप्न किशोर सिंह ने पिरान कलियर थाने में बड़े खाने का आयोजन कर सभी कर्मचारियों के साथ सहभोज किया। अधिकारी इस मिशन पर पैनी नजर रखे हुए हैं।