बिना लाइसेंस के 12वीं पास युवक मेडिकल स्टोर चला रहा था। बिना डॉक्टर की पर्ची के नशीली दवा और सिरप बेचे जा रहे थे। छापे में चार लाख रुपये की नशीली दवाएं और सिरप की खेप मिली है। आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट की पेशी के बाद जेल भेज दिया गया है। दवाओं को सील कर दिया गया है।
ड्रग इंस्पेक्टर अनीता भारती ने बताया कि हरिद्वार जिले में नशे के खिलाफ अब तक 50 से ज्यादा छापे मारे हैं। बुधवार रात सूचना मिली कि जौरासी के एक मेडिकल स्टोर पर नशीली दवाएं बेची जा रही हैं। इसके बाद उन्होंने एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के साथ मिलकर जौरासी के मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। छापे में मेडिकल स्टोर मालिक शाहरुख निवासी जौरासी को गिरफ्तार कर लिया गया।
उसने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि वह 12वीं पास है और खुद ही मेडिकल स्टोर चला रहा है। यह मेडिकल स्टोर भी बिना लाइसेंस के चल रहा है। बिना डॉक्टर की पर्ची के यहां नशीली दवाएं और कैप्सूल भी नशे के आदी लोगों को बेच रहा है। पुलिस टीम ने मौके से 3550 रुपये भी बरामद किए हैं।
रुड़की कोतवाली इंस्पेक्टर मणि भूषण श्रीवास्तव ने बताया कि उपनिरीक्षक सूरत शर्मा मुकदमे की जांच कर रहे हैं। टीम में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के रणजीत सिंह तोमर, कांस्टेबल सत्येंद्र चौधरी, औषधि निरीक्षक मेघा, अमित कुमार आजाद, ऋषभ धामा, रुड़की कोतवाली के उपनिरीक्षक चंद्र मोहन सिंह, कांस्टेबल प्रदीप सिंह, अनूप लिंगवाल और सत्येंद्र सिंह आदि शामिल रहे।
नशीली दवा पर अंकित है हिमाचल प्रदेश का पता
ड्रग इंस्पेक्टर अनीता भारती ने नशीली दवा की जांच की तो पता चला कि कैप्सूल पर सोलन हिमाचल प्रदेश का एड्रेस अंकित है। टीम ने 4800 नारकोटिक्स कैप्सूल, 29 सिरप व अन्य नशीली दवाएं बरामद की हैं। नशीली दवा को मेडिकल स्टोर तक कैसे पहुंचाया गया है इसकी पुलिस अपने स्तर से जांच करने में जुटी है।