रुड़की। कठुआ में मासूम से गैंगरेप के विरोध और उसकी हत्या करने वालों को फांसी की सजा देने की मांग करते हुए मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सोमवार को जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया। चेतावनी पर भी प्रदर्शनकारी बाजार में घुस गए। तोड़फोड़ की आशंका पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों में नोकझोंक हो गई। पुलिस की कोशिशों के बाद भी प्रदर्शनकारी नहीं माने और नगर पालिका चौक तक पहुंच गए। आखिर पुलिस ने जब बिना अनुमति के जुलूस निकालने पर सख्त कार्रवाई की चेेतावनी तो प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए लौटने को मजबूर हुए।
मुस्लिम समुदाय के लोग दोपहर करीब साढ़े 12 बजे रामपुर चुंगी पर एकत्रित हुए। इनके हाथों में बैनर और झंडे थे। इन पर कठुआ गैंगरेप की पीड़िता को न्याय दिलाने और आरोपियों को फांसी की सजा देने के स्लोगन लिखे हुए थे। सूचना पर एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने गंगनहर कोतवाली प्रभारी को पीएसी के साथ मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। प्रदर्शनकारियों के रामपुर चुंगी से बाजार की तरफ बढ़ने की सूचना पर पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। जब तक पुलिस मौके पर पहुंची तब तक प्रदर्शनकारी बेरिकेडिंग तक पहुंच चुके थे। बेरीकेडिंग हटाकर जैसे ही इन्होंने बाजार में घुसने का प्रयास किया तो कोतवाल कमल कुमार लुंठी ने उन्हें रोक लिया और बाजार में प्रदर्शन न करने की चेतावनी दे डाली। इस पर प्रदर्शनकारी भड़क गए और दोनों पक्षों में नोकझोंक शुरू हो गई। इस बीच कुछ प्रदर्शनकारी जोर-जोर से नारे लगाते रहे। जबकि कुछ पुलिस का घेरा तोड़कर बाजार में घुस गए। इस पर पीछे-पीछे आ रही भीड़ भी आगे बढ़ गई। नगर पालिका चौराहे पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने हंगामा कर दिया। जुलूस तहसील की ओर बढ़ने लगा तो पुलिस ने बिना अनुमति जुलूस निकाले जाने की बात कहते हुए प्रदर्शनकारियों को सख्त हिदायत दी। जद्दोजहद के बाद आखिर प्रदर्शनकारी जुलूस समाप्त करने को राजी हुए। इसके बाद सभी उसी रास्ते से लौट गए।