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रिपोर्ट में देरी दे रही मिलावट खोरी को शह

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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
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जिले में मिलावट खोरी पर लगाम लगाना खाद्य सुरक्षा विभाग के लिए बड़ा चुनौती साबित हो रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग मिलावट खोरी पकड़कर सैंपल जांच केे लिए भेज तो देता है, लेकिन सैंपल की रिपोर्ट छह-छह महीने तक नहीं आ रही है। ऐसे में मिलावट खोरी पकड़ने के बाद अधिकारी रिपोर्ट आने का इंतजार करते रहते हैं और संबंधित प्रतिष्ठान पर कार्रवाई नहीं हो पाती। लिहाजा यह धंधा जारी रहता है। उधर, रिपोर्ट में देरी होने का मुख्य कारण प्रदेश में मात्र एक प्रयोगशाला होना और उसमेें भी स्टाफ की कमी होना बताया जा रहा है।
खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर छापेमारी कर सैंपल लेता रहता है। इन सैंपल को जांच के लिए रुद्रपुर स्थित प्रयोगशाला में भेजा जाता है। इस प्रयोगशाला में प्रदेशभर से सैंपल जांच के लिए आते हैं। बताया जाता है कि इस प्रयोगशाला में एक मात्र कर्मचारी है। इसकेे भरोसे प्रदेश भर से आने वाले सैंपल की जांच करने का जिम्मा है। यदि आंकड़ों पर नजर डाले तो जुलाई के बाद से रुड़की व भगवानपुर तहसील के सैंपलों की जांच रिपोर्ट नहीं आ पाई है। दोनों तहसील के करीब 137 सैंपल जांच के लिए लंबित पड़े हैं। यह आलम तब है कि हरिद्वार जिला, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, बिजनौर और मुजफ्फरनगर से लगता हुआ है। यूपी के इन जिलों से मिलावटी खाद्य पदार्थ आदि आने की जानकारी मिलती रहती है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब छह-छह महीनों तक सैंपल की जांच रिपोर्ट ही नहीं आएगी, तो कैसे मिलावटी खोरी पर लगाम लगेगी। इस देरी का फायदा मिलावट खोरी करने वाले लोग जमकर उठा रहे हैं।
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खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से लिए जाने वाले सैंपल की जांच रुद्रपुर में होती है। रिपोर्ट के देरी में आने की शिकायत मिली है। जिस पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
-नितिका खंडेलवाल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, रुड़की
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