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सालाना उर्स की अहम मेहंदी डोरी की रस्म में उमड़े अकीदतमंद

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पिरान कलियर। साबिर पाक के 750वें सालाना उर्स की अहम रस्म मेहंदी डोरी के बाद नमाज ईशा अदा की गई। इसमें बड़ी संख्या में जायरीनों ने हिस्सा लिया। बड़ी संख्या में जुटे अकीदतमंदों ने मेहंदी डोरी रस्म में शिरकत की।
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कलियर दरगाह साबिर पाक का 750वां सालाना उर्स शुरू हो गया है। शुक्रवार रात दस बजे सज्जादा नशीन शाह मंसूर एजाज साबरी एवं नायब सज्जादा नशीन शाह अली मंजर एजाज साबरी और उनके मुरीदीन अल्लाहु अकबर की सदाओं के साथ कलियर गांव अपने कदीमी (पुराने) घर पहुंचे हैं और वहां से अपने सिरों पर मेहंदी डोरी का थाल, संदल और प्रसाद लेकर अल्लाहु अकबर का हल्का करते हुए सूफियाना कव्वालियों के साथ दरगाह साबिर पाक पहुंचे। इसके बाद सज्जादा नशीन शाह मंसूर एजाज साबरी एवं शाह अली मंजर एजाज साबरी ने हजारों अकीदतमंदों की मौजूदगी में दरगाह साबिर पाक में मेहंदी डोरी और संदल पेश किया। साथ ही शाह अली मंजर एजाज साबरी ने मेहंदी डोरी जायरीनों को प्रसाद के तौर पर बांटी। इसके बाद दरगाह परिसर में कुल शरीफ किया गया। कुल शरीफ के बाद दुआ मुरादे मन्नतें मांगीं। मेहंदी डोरी की रस्म में कव्वालों ने अपने-अपने कलाम पेश किए। मेहंदी डोरी की अहम रस्म में शिरकत करने के लिए दूरदराज से हजारों जायरीन कलियर पहुंचे। इस मौके पर सज्जादा नशीन परिवार की ओर से शाह कासिफ एजाज, शाह सुहैल, शाह खालिक मियां, शाह यावर अली, शाह गाजी, नैय्यर अजीम फरीदी, शाह गाजी, राजी मियां, मुनव्वर अली साबरी, सूफी राशिद साबरी, डॉ. ईनाम साबिर, सफीक साबरी व नोमी मियां आदि मौजूद रहे।
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मशक्कत के बाद 100 जायरीन ही दरगाह के अंदर पहुंचे
पिरान कलियर। मेहंदी डोरी मजार शरीफ में पेश करने के वक्त जायरीनों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान मजार शरीफ में जाने के लिए मारामारी मची रही। काफी मशक्कत के बाद करीब 100 जायरीन ही साबिर पाक की दरगाह के अंदर जा सके। मेहंदी डोरी की रस्म के दौरान जायरीनों की भीड़ को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात रहा। कई पुलिसकर्मी सादी वर्दी में भी ड्यूटी पर तैनात रहे।
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डेढ़ किलोमीटर तक लाइटों का खर्च जायरीनों ने उठाया
पिरान कलियर। साबिर पाक के सालाना उर्स में मेहंदी डोरी की रस्म में साबिर पाक की दरगाह से सज्जादा नशीन के पुराने घर तक करीब डेढ़ किमी तक लाइट का इंतजाम पंजाब के जायरीन अपने खर्चे से करते हैं। गोविंदगढ़ पंजाब के रहने वाले रणधीर ने बताया कि वह 19 वर्षों से उर्स के दौरान मेहंदी डोरी की रस्म में कलियर आकर लाइट की व्यवस्था अपने खर्चे से करते हैं।
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उर्स की महत्वपूर्ण तारीखें
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20 नवंबर-छोटी रोशनी
21 नवंबर- बड़ी रोशनी
22 नवंबर-कुल शरीफ
23 नवंबर-गुस्ल शरीफ
24 नवंबर-नातिया मुशायरा
25 नवंबर-दरगाह शरीफ में दुआ के साथ उर्स संपन्न
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