अमर उजाला ब्यूरो
रुड़की।
केंद्र सराकर के स्वास्थ्य विभाग की टीम के निरीक्षण के बाद अब 15 वर्षों से ठप सिविल अस्पताल के ट्रामा सेंटर के जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी है। टीम ने एक माह में सुविधा शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इस सेंटर के शुरू होने पर गंभीर अवस्था में पहुंचने वाले मरीजों को हरिद्वार या देहरादून रेफर करने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही मरीजों को समय रहते इलाज मिल सकेगा। बताया गया है कि अभी तक चिकित्सकों एवं अन्य अव्यवस्थाओं के चलते ट्रामा सेंटर शुरू नहीं हो पा रहा था। इस दौरान केंद्रीय टीम के साथ मौजूद राज्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने चिकित्सकों की तैनाती का भरोसा दिलाया है। ट्रामा सेंटर में 12 बेड की सुविधा होगी। ऑपरेशन के बाद यहां से मरीजों को अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा।
बुधवार दोपहर को केंद्र के स्वास्थ्य विभाग की ज्वाइंट सेक्रेटरी गायत्री सिंह के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम रुड़की सिविल अस्पताल पहुंची। इस दौरान उनके साथ स्वास्थ्य विभाग देहरादून के अपर निदेशक डा. एसके अग्रवाल भी मौजूद रहे। टीम ने ट्रामा सेंटर के निरीक्षण के दौरान कुर्सियों पर जमा धूल को देखकर नाराजगी जताते हुए साफ- सफाई दुरुस्त करने की हिदायत दी। टीम ने 15 वर्षों से ट्रामा सेंटर का संचालन नहीं होने के बारे में भी जानकारी ली। इस दौरान चिकित्सकों का अभाव तथा भवन की मरम्मत न होने जैसे कारण सामने आए। टीम ने ट्रामा सेंटर में लगी सीटी स्कैन मशीन और डिजिटल एक्स-रे मशीन का भी निरीक्षण किया। टीम ने पाया कि मशीने नई हैं लेकिन जरूरी स्टाफ के अभाव में इनका संचालन नहीं हो पा रहा है।
टीम ने ट्रामा सेंटर की छत को ठीक कराने के लिए भी कहा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग देहरादून के अपर निदेशक डा. एसके अग्रवाल ने ट्रामा सेंटर शुरू करने के लिए जल्द ही एक एनस्थेसिया चिकित्सक तथा ऑर्थो चिकित्सक तैनात कराने का भरोसा दिलाया। ट्रामा सेंटर में आर्थो की ओपीडी, प्लास्टर और फिजियोथैरेपी से लेकर ऑपरेशन आदि की सुविधा मिलेगी। केंद्रीय टीम ने ट्रामा संचालन शुरू करने के लिए जरूरी साजो सामान आदि के बारे में प्रस्ताव भी मांगा। सीएमएस डा. डीके चक्रपाणि ने बताया कि ट्रामा सेंटर एक माह में शुरू कर दिया जाएगा। इस दौरान केंद्रीय टीम ने बल्ड बैंक व अस्पताल का भी निरीक्षण किया और साफ सफाई पर विशेष धयान देने को कहा।
यह है स्थिति
सिविल अस्पताल में ओपीडी और ट्रामा सेंटर की सुविधाओं को देखते हुए नियमानुसार 11 हड्डी रोग विशेषज्ञों की जरूरत है। फिलहाल यहां केवल डा. राज कुमार, डा. पीके दुबे और डा. अफजल ही तैनात हेै। इनमें से भी डा. पीके दुबे इस समय चारधाम में ड्यूटी पर हैं। इस बाबत अपर निदेशक डा. एसके अग्रवाल ने बताया कि चिकित्सकों की जल्द तैनाती कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।