लक्सर। दाबकी कलां गांव में निकासी नाली सफाई करने के दौरान की गई। मारपीट के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, लेकिन मुकदमा दर्ज करने से पहले पीड़ित के साथ कोतवाली पहुंचे प्रधानपति के साथ कोतवाल द्वारा अभद्रता की गई। मौके पर हुए हंगामे के बाद कोतवाल को न केवल प्रधानपति को छोड़ना पड़ा बल्कि बाद में मुकदमा भी दर्ज करना पड़ा।
दाबकी कलां गांव निवासी जसवीर सिंह पुत्र फूल सिंह प्रधानपति सत्यवीर के साथ कोतवाली पहुंचे। जसवीर का आरोप है कि गांव के ही ओमपाल व सोनू पुत्रगण अजमेर, वाजिद ने उसे काम करने से रोक दिया। इस पर जसवीर ने कहा कि उसे काम पर ग्राम प्रधान द्वारा रखा गया है तथा वह उसके कहे बिना काम बंद नहीं करेगा। बताया जाता है कि इस पर उक्त तीनों लोगों ने जसवीर को गांव की गलियों में ही दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। शनिवार की देर शाम प्रधानपति पीड़ित मजदूर को साथ लेकर उनकी शिकायत करने के लिए लक्सर कोतवाली पहुंच गए। आरोप है कि इस दौरान लक्सर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अमरचंद शर्मा ने उनकी शिकायत पर कार्रवाई करने की बजाय प्रधानपति के साथ ही अभद्र व्यवहार किया। उन्हें जेल में भेजने की धमकी दे डाली। जानकारी मिलते ही प्रधानपति के सैकड़ों पदाधिकारी व कार्यकर्ता लक्सर कोतवाली पहुंच गए। उन्होंने कोतवाल पर जनप्रतिनिधि के साथ अभद्र व्यवहार करने तथा पुलिसिया रोब गालिब करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। इसकी जानकारी जैसे ही उच्चधिकारियों को लगी तो एकाएक कोतवाल पर उच्चाधिकारियों के फोन आने शुरू हो गए। मामला बढ़ता देख कोतवाल की कुछ ही देर में अकड़ ढीली हो गई तथा उन्होंने जनप्रतिनिधि को न सिर्फ छोड़ा। वहीं जसवीर सिंह की तहरीर पर आरोपी ओमपाल व मोनू पुत्रगण अजमेर और वाजिद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। उधर कोतवाल अमरचन्द शर्मा का कहना है कि जनप्रतिनिधि द्वारा की गई शिकायत पर दूसरे पक्ष को भी गांव से बुलवाया गया था। उनके साथ किसी प्रकार का अभद्रता नहीं की गई है।