रुड़की। जौनसार भावर और जौनपुर रवाईं क्षेत्र के रुड़की और आसपास रहने वाले लोगों की ओर से रविवार को नववर्ष के उपलक्ष्य में माघ मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान जौनसार संस्कृति की धूम रही। इस दौरान लोक संस्कृति पर आधारित कार्यक्रमों पर दर्शक देर तक झूमते रहे। लोक परंपरा और पोशाकों से सजी धजी महिलाओं और बच्चों का आकर्षण देखते ही बनता था। इस दौरान कलाकारों ने जंगबाजी और झेंता नृत्य का खूबसूरती के साथ प्रदर्शन किया। इस दौरान दर्शक भी झूमते देखे गए।
तांदी नृत्य की प्रस्तुति के साथ कलाकारों ने समां बांध दिया। कियारासों और हारुल के दौरान भी दर्शकों का उत्साह देखते ही बनता था। ढोल दमाऊं और रणसिंगा के साथ तांदी नृत्य प्रस्तुत किया गया। इस दौरान जौनसार की संस्कृति और त्योहार जैसे बिस्सू, दीपावली, जागड़ा, जातरा और मौण की झलक भी इस दौरान दिखाई दी। इस दौरान रुड़की क्षेत्र के कर्मचारी अधिकारी संगठन के अध्यक्ष अमर सिंह चौहान ने सभी लोगों को बधाई देते हुए कहा कि जौनसार भावर संस्कृति काफी समृद्ध है। इस संस्कृति में इतिहास की भी झलक मिलती है। उन्होंने लोक कलाकारों द्वारा समय-समय पर सांस्कृतिक विरासत को समृद्घ बनाने के लिए किए गए प्रयासों पर भी सविस्तार प्रकाश डाला साथ ही युवा पीढ़ी को इस दिशा में काम करने का आह्वान किया।
उपाध्यक्ष शूरवीर सिंह तोमर और कोषाध्यक्ष टीका राम शर्मा ने कहा कि संस्कृति के व्यापक प्रचार -प्रसार से ही हम इसे और समृद्घ बना सकते हैं। संरक्षक टीकम सिंह चौहान, लक्ष्मी देवी भट्ट, राजेंद्र सिंह चौहान, बीरेंद्र सिंह तोमर, प्रदीप सिंह तोमर, नरेश चंदेला, रघुवीर सिंह तोमर, दाताराम शर्मा, भीम दत्त शर्मा, पूर्णिमा, राजेश खन्ना और अनूप सिंह आदि ने विचार रखे और न लोगों का स्वागत किया। जौनसार भावर क्षेत्र के लोग परिवार सहित इस समारोह में शामिल रहे।