हर्रावाला। क्षेत्र के वार्ड-97 में स्थित एक आंगनबाड़ी केंद्र का भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है, इसके बावजूद मासूम बच्चों की पढ़ाई वहीं कराई जा रही है। करीब दो दशक पुराने इस भवन में पढ़ने वाले 15 नौनिहालों और दो आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर चिंता जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते भवन का पुनर्निर्माण नहीं कराया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
हर्रावाला प्राथमिक विद्यालय के समीप संचालित आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण वर्ष 2005 में हुआ था। वर्तमान में भवन की दीवारें और छत जर्जर हो चुकीं हैं। छत पर घास और मिट्टी जम चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण के बाद से अब तक भवन की पुताई तक नहीं कराई गई। ग्रामीणों ने प्रशासन और बाल विकास विभाग से मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए जर्जर भवन को तत्काल अनुपयोगी घोषित कर नए भवन का निर्माण कराया जाए।
आंगनबाड़ी भवन की स्थिति जर्जर है और विभाग को इसकी जानकारी है। नए भवन के निर्माण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि बच्चों और आंगनबाड़ी कर्मियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। -सुषमा कोठारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, डोईवाला।