ऋषिकेश। विश्व बैंक पोषित अर्धनगरीय क्षेत्रों में उत्तराखंड पेयजल कार्यक्रम के तहत मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। इसके तहत स्मृति वन, लाल पानी ऋषिकेश में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें विश्व बैंक द्वारा पोषित 67 करोड़ रुपये की पेयजल योजना का शुभारंभ विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल और मेयर अनिता ममगाईं ने किया।
शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि चयनित क्षेत्रों में मास्टर प्लान के माध्यम से पेयजल, स्वच्छता, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित कार्यों को सम्मिलित कर मास्टर प्लान को अंतिम रूप दिए जाने से के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें स्थानीय शहरी निकायों के जनप्रतिनिधियों, क्षेत्रीय प्रतिनिधियों एवं परियोजना से लाभान्वित निवासियों के साथ विचार-विमर्श कर आम राय सुझाव एवं आपत्तियों के निराकरण के संबंध में बातचीत की गई। अग्रवाल ने कहा है कि इससे छिद्दरवाला, रायवाला, खदरी और गुमानीवाला आदि क्षेत्र में स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा है कि यह योजना 67 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जाएगी, जिसकी निविदाएं आमंत्रित की जा चुकी हैं। 30 साल तक की जनसंख्या के अनुमान को लेकर यह योजना बनाई गई है, जिसमें 24 घंटे पानी चलता रहेगा। पेयजल निगम की वर्ल्ड बैंक प्रोजेक्ट यूनिट की ओर से सर्वे का काम पूरा होने के बाद अब डीपीआर तैयार की जा रही है, जिसे जल्द ही स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाना है।
इस अवसर पर नगर निगम मेयर अनिता ममगाईं ने कहा कि अब तक ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की शत-प्रतिशत आपूर्ति दूर की कौड़ी बनी हुई थी। ऐसे में अब वर्ल्ड बैंक प्रोजेक्ट से पेयजल की समस्या दूर होगी। इस अवसर पर जल संस्थान के एसई नमित रमोला, पार्षद विजेंद्र मोघा, विपिन पंत, बीरेंद्र रमोला, लक्ष्मी रावत, अनिता प्रधान, गुरविंदर, जगत नेगी, ममता नेगी, हेमलता, पार्षद जयेश राणा, दीपक शर्मा, जगत सिंह नेगी, सुभाष वाल्मीकि और गुरविंदर सिंह आदि उपस्थित थे।