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उत्तराखंडः पारा चढ़ने पर बढ़ी पेयजल किल्लत

Thu, 14 Apr 2016 01:34 PM IST
बालेंद्र सिंह नेगी / अमर उजाला, रायवाला
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ऋषिकेश के रायवाला में पारा चढ़ने के साथ ही लोग पेयजल किल्लत से जूझने लगे हैं। गांवों में पेयजल की स्थिति विकराल रूप लेने लगी है, मगर जिम्मेदार महकमा समस्या को गंभीरता से लेने और उसके शीघ्र समाधान की युक्ति खोजने की बजाय नेताओं की तरह दावों से काम चला रहा है।
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रायवाला और आसपास के गांवों के ग्रामीण सप्ताहभर से पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं। कई इलाकों में अधिकारी ग्रामीणों की शिकायत पर तीन दिन से टैंकर भेजने की बात कर रहे हैं, मगर सुविधा न मिलने पर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। खास बात यह है कि विभाग के अंतर्गत एक नगरपालिका और 18 ग्राम सभाएं आती हैं, मगर पेयजल किल्लत की स्थिति में विभाग के पास पेयजल सप्लाई की वैकल्पिक स्थिति के लिए महज एक टैंकर है। इसके कारण लोगों को प्यासा भटकना पड़ रहा है। 

ढाई लाख की आबादी, इमरजेंसी सप्लाई के लिए एक टैंकर
पेयजल किल्लत से जूझ रहे प्रतीतनगर के होशियारी मंदिर, डांडी क्षेत्र के ग्रामीण राजेंद्र प्रसाद, राजेश जुगलाण, जगदीश प्रसाद कंडवाल, जगमोहन सिंह, ज्ञान बहादुर, ओमप्रकाश ने बताया कि सप्ताहभर से घरों में पीने का पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंच रही है।
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ग्रामीणों द्वारा विभागीय अधिकारियों से इस बाबत शिकायत की गई तो वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर तीन दिन पहले टैंकर से सप्लाई देने का आश्वासन दिया गया, मगर गांवों में आज तक टैंकर नहीं पहुंच पाया। ऐसे में बिना पानी के बेहाल हो रहे लोगों में विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने महकमे के अफसरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।

टैंकर का इंतजार करते हैं लोग, समय पर नहीं पहुंचता 
ऋषिकेश में जल संस्थान कार्यालय की आपातकालीन पेयजल आपूर्ति व्यवस्था महज एक टैंकर के भरोसे चल रही है। कई वर्षों से महकमा ऋषिकेश नगर पालिका क्षेत्र और आसपास की 18 ग्राम सभाओं में जलापूर्ति बाधित होने की स्थिति में इसी एक टैंकर से पेयजल आपूर्ति करा रहा है। इसके कारण पेयजल किल्लत से जूझ रहे लोगों को समय पर पानी नहीं मिल पाता।

बावजूद इसके महकमा वर्षों बाद भी न तो क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की स्थिति में ही सुधार कर पाया है और न ही आपात स्थिति में समय पर पेयजल सप्लाई के लिए वैकल्पिक संसाधन ही बढ़ा पाया है। ग्रामीणों की आम शिकायत है कि इसी वजह से आपूर्ति बाधित होने पर अधिकारी समय पर सप्लाई देने की बजाय कई कई दिनों तक टैंकर भेजने का महज भरोसा देकर काम चला देते हैं। लोग टैंकर का इंतजार करते हैं, मगर वह समय से नहीं पहुंचाया जाता।  

ऋषिकेश शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विभाग के पास मात्र एक ही टैंकर उपलब्ध है, जिसे सूचना और प्राथमिकता के आधार पर सप्लाई पर भेजा जाता है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर विभाग द्वारा तीन से चार टैंकर किराये पर लेने की व्यवस्था की गई है।
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- एबीएस रावत एसडीओ, जल संस्थान ऋषिकेश
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