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Rishikesh: एम्स में बोले उपराष्ट्रपति- कोलकाता में डॉक्टर के साथ हुई घटना ने देश और मानवता को किया शर्मसार

Sun, 01 Sep 2024 12:55 PM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, ऋषिकेश

सार

उपराष्ट्रपति ने कहा कि हमारे देश की संस्कृति वसुधैव कुटुम्बकम की है। हमारे कुटुंब की बेटी ने जनता की सेवा के लिए न दिन देखा न रात। उसके साथ दुष्कर्म और निर्ममता अकल्पनीय है।
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एम्स में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोलकाता में रेजीडेंट डाक्टर के साथ हुई घटना पर रोष व्यक्त करते हुए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि इस घटना ने देश और मानवता को शर्मसार किया है। ऐसी घटनाओं से हमारा दिल घायल है। हमारी अंतरात्मा रो रही है और जवाबदेही की मांग कर रही है। डॉक्टरों, नर्सों, कंपाउंडर और स्वास्थ्यकर्मियों की पूरी तरह से सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उपराष्ट्रपति एम्स ऋषिकेश में आयोजित कार्यक्रम में डॉक्टरों, स्टाफ और नर्सिंग व पैरामेडिकल छात्र-छात्राओं को संबोधित कर रहे थे।

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उपराष्ट्रपति ने 2012 में दिल्ली में हुए निर्भया कांड का जिक्र किया। कहा, बंगाल में हुई घटना उससे भी वीभत्स है। उन्होंने कहा कि कोरोनाकाल के दौरान वहां के चिकित्सकों ने कोविड संक्रमित लोगों की सेवा का उदाहरण दिया। उस दौरान वहां राज्यपाल रहते हुए चिकित्सकों को उनकी निस्वार्थ सेवा के लिए पुरस्कृत भी किया था। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि महिलाओं के लिए दलगत भावना से ऊपर उठकर सोचना होगा। ऐसे मामलों में संसद में सख्त कानून बनाने में सहयोग की अपील की।

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कोलकाता में जो हुआ उसका जिम्मेदार समाज
उपराष्ट्रपति ने महिलाओं को सुरक्षित महसूस कराने के लिए एक तंत्र विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। कहा कि कोलकाता में जो कुछ भी हुआ, वह जवाबदेही के दायरे में आएगा, लेकिन इसके लिए समाज भी जिम्मेदार है। समाज अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। मैं इसे सरकार या राजनीतिक पार्टियों का मामला नहीं बनाना चाहता। यह समाज का मामला है, यह हमारे अस्तित्व की चुनौती है। इस कृत्य ने भारत के आदर्शों पर सवाल उठाया है जो हजारों वर्षों से कायम हैं।
अपराधियों के दोष से भी बदतर है चुप्पी
उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि कुछ एनजीओ एक घटना पर चुप्पी साध लेते हैं। हमें उनसे सवाल करना चाहिए। उनकी चुप्पी इस घिनौने अपराध के अपराधियों के दोष से भी बदतर है। जो लोग राजनीति खेलना और राजनीतिक अंक जुटाना चाहते हैं, वे अपनी अंतरात्मा की पुकार का जवाब नहीं दे रहे। मैं ऐसी गलतफहमी में पड़े लोगों से पुनः विचार करने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का आह्वान करता हूं।

यह रहे मौजूद
समारोह में राज्यपाल ले. जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह, वित्तमंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, उपराष्ट्रपति के सचिव आईएएस सुनील कुमार, एम्स की डीन एकेडमिक प्रो. जया चतुर्वेदी, उपनिदेशक प्रशासन ले. कर्नल अमित पराशर, एसई ले. कर्नल राजेश जुयाल, वित्तीय सलाहकार ले. कर्नल एस. सिद्धार्थ, प्रो. लतिका मोहन, प्रो. प्रशांत पाटिल, प्रो. नवनीत भट्, प्रो. एसके हांडू, प्रो. कमर आजम, प्रो. शालिनी राजाराम, प्रो. एके मंडल, प्रो. भानु दुग्गल, प्रो. रवि गुप्ता, नर्सिंग प्राचार्य प्रो. स्मृति अरोड़ा, रजिस्ट्रार राजीव चौधरी, जनसंपर्क अधिकारी संदीप कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
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