कोलकाता में जो हुआ उसका जिम्मेदार समाज
उपराष्ट्रपति ने महिलाओं को सुरक्षित महसूस कराने के लिए एक तंत्र विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। कहा कि कोलकाता में जो कुछ भी हुआ, वह जवाबदेही के दायरे में आएगा, लेकिन इसके लिए समाज भी जिम्मेदार है। समाज अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। मैं इसे सरकार या राजनीतिक पार्टियों का मामला नहीं बनाना चाहता। यह समाज का मामला है, यह हमारे अस्तित्व की चुनौती है। इस कृत्य ने भारत के आदर्शों पर सवाल उठाया है जो हजारों वर्षों से कायम हैं।
अपराधियों के दोष से भी बदतर है चुप्पी
उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि कुछ एनजीओ एक घटना पर चुप्पी साध लेते हैं। हमें उनसे सवाल करना चाहिए। उनकी चुप्पी इस घिनौने अपराध के अपराधियों के दोष से भी बदतर है। जो लोग राजनीति खेलना और राजनीतिक अंक जुटाना चाहते हैं, वे अपनी अंतरात्मा की पुकार का जवाब नहीं दे रहे। मैं ऐसी गलतफहमी में पड़े लोगों से पुनः विचार करने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का आह्वान करता हूं।
यह रहे मौजूद
समारोह में राज्यपाल ले. जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह, वित्तमंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, उपराष्ट्रपति के सचिव आईएएस सुनील कुमार, एम्स की डीन एकेडमिक प्रो. जया चतुर्वेदी, उपनिदेशक प्रशासन ले. कर्नल अमित पराशर, एसई ले. कर्नल राजेश जुयाल, वित्तीय सलाहकार ले. कर्नल एस. सिद्धार्थ, प्रो. लतिका मोहन, प्रो. प्रशांत पाटिल, प्रो. नवनीत भट्, प्रो. एसके हांडू, प्रो. कमर आजम, प्रो. शालिनी राजाराम, प्रो. एके मंडल, प्रो. भानु दुग्गल, प्रो. रवि गुप्ता, नर्सिंग प्राचार्य प्रो. स्मृति अरोड़ा, रजिस्ट्रार राजीव चौधरी, जनसंपर्क अधिकारी संदीप कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।