भोगपुर में पूर्व डीजीपी और एसजीआरआर कॉलेज प्रशासन के बीच जमीन विवाद को लेकर स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने खूब हंगामा काटा। छात्रों ने पूर्व डीजीपी को घेर लिया और गेहूं की फसल को रौंद खेल मैदान पर हक अपना हक जताने लगे। सूचना के बाद मौके पर पुलिस भी पहुंची। हंगामे के कारण स्कूल प्रशासन, एसजीआरआर प्रशासन, तहसील प्रशासन और पूर्व डीजीपी आदि की संयुक्त बैठक बिना नतीजे समाप्त हो गई।
कॉलेज प्रशासन का आरोप है कि कुछ समय पहले स्कूल की बाउंड्री को तोड़कर खेल मैदान पर ट्रैक्टर से गेहूं की बुवाई कर दी गई है। भूमि विवाद सुलझाने को लेकर बृहस्पतिवार को स्कूल परिसर में एक संयुक्त बैठक का आयोजन किया गया था। जिसमें काफी संख्या में स्कूली बच्चे भी शामिल हुए थे।
बैठक में पूर्व डीजीपी प्रेमदत्त रतूड़ी भी पहुंचे थे। इससे पहले की बैठक शुरू हो पाती। वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। कहा कि स्कूल 1954 से संचालित किया जा रहा है। अब रतूड़ी परिवार क्यों स्कूल की जमीन पर कब्जा करना चाहता है।
हंगामे के बीच ही छात्र मंच के आगे से उठकर भागते हुए खेल मैदान पर चले गए। जिस पर बाउंड्री तोड़कर गेहूं की बुआई की गई थी। विद्यार्थियों का कहना था कि खेल मैदान उनका है। इसे किसी को नहीं कब्जाने देंगे। उसके बाद मंच से नीचे उतरे पूर्व डीजीपी प्रेमदत्त रतूड़ी को छात्रों ने घेर लिया।
छात्र उनसे कहने लगे कि उनका मैदान उन्हें वापस दे दो। शिक्षकों ने काफी देर बाद छात्रों के घेरे से पूर्व डीजीपी को बाहर निकाला। उसके बाद भी काफी देर तक हंगामा होता रहा। लोग पूर्व डीजीपी से जमीन को वापस देने की मांग करते रहे।
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कभी नामी स्कूल था भोगपुर
एसजीजीआर स्कूल में लगे पत्थर में स्कूल का लोकार्पण 1954 में अंकित है। स्थानीय निवासी और इस स्कूल के पूर्व छात्र रहे नरेंद्र चौहान ने कहा कि वो 1965 से लेकर कई सालों तक इसी स्कूल के छात्र रहे हैं। उन्होंने दसवीं इसी स्कूल से की है। जिस जमीन पर अब विवाद चल रहा है। उस जमीन पर एक बड़ा खेल मैदान हुआ करता था। जिस पर वो खेला करते थे। उस वक्त इस स्कूल में टिहरी तक के बच्चे पढ़ने आते थे।
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जमीन में एसजीआरआर के महंत की तरफ से कोर्ट में 229 बी का वाद विचाराधीन है। जब तक कोर्ट का फैसला नहीं आता तब तक कोई भी जमीन पर कब्जा नहीं कर सकता है। बाउंड्री तोड़ने और गेहूं बुवाई से पहले स्कूल प्रशासन या पंचायत को कोई नोटिस भी नहीं दिया गया है। - दीपक चंद, पूर्व प्रधान रखवालगांव व वर्तमान प्रशासन के प्रतिनिधि
जमीन विवाद को लेकर वह 10 फरवरी को स्कूल प्रबंधन से मिले थे। इस दौरान ऋषिकेश कानूनगो भी साथ में थे। तब स्कूल प्रबंधन ने 13 फरवरी को भूमि संबंधी दस्तावेज दिखाए जाने की बात कही थी। बृहस्पतिवार को जब कानूनगो के साथ स्कूल में गया तो स्कूल प्रबंधक ने भूमि के दस्तावेज दिखाने के बजाय ड्रामा कर दिया। भूमि के सभी दस्तावेज मेरे नाम हैं और भूमि पर हमारा कब्जा है। - प्रेमदत्त रतूड़ी, पूर्व डीजीपी
भोगपुर जमीन विवाद मामले में तहसील से पटवारी और कानूनगो की टीम मौके पर गई थी। उनकी रिपोर्ट देखने के बाद ही इस मामले में कुछ कहा जाएगा। - स्मृता परमार, एसडीएम ऋषिकेश
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स्कूल के खेल मैदान पर बाउंड्री तोड़कर कब्जा का प्रयास किया गया है। जिससे विद्यार्थियों को खेलकूद व अन्य गतिविधियों में दिक्कत आ रही है। इसलिए यह जमीन स्कूल को ही मिलनी चाहिए। - डॉ. संजय कुठारी, प्रधानाचार्य, एसजीआरआर भोगपुर