- पांच माह पूर्व शासन को भेजा गया था प्रस्ताव
- स्थ्य केंद्र विभाग के पास नीलकंठ में 10 नाली भूमि है उपलब्ध
यमकेश्वर। नीलकंठ महादेव मंदिर क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार अधर में लटका है। यहां स्थित टीकाकरण उपकेंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टाइप-ए में उच्चीकृत करने का प्रस्ताव पिछले पांच माह से शासन स्तर पर लंबित है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से पूर्व ही पीएचसी के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था। विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर जमीन की उपलब्धता की जांच भी पूरी की। जांच में पाया गया कि स्वास्थ्य केंद्र विभाग के पास नीलकंठ में 10 नाली भूमि उपलब्ध है जो पीएचसी के लिए पर्याप्त है लेकिन इसके बाद भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पायी।
नीलकंठ धाम में हर साल देश विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शनों के लिए आते हैं। इसके अलावा आसपास के 8 से 10 गांवों की आबादी भी इसी उपकेंद्र पर निर्भर है। वर्तमान में उपकेंद्र में केवल टीकाकरण और प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध है जिससे गंभीर स्थिति में मरीजों को ऋषिकेश या कोटद्वार रेफर करना पड़ता है। स्थानीय निवासी उपेंद्र पयाल, दीपक रियाल, आशीष रौथाण,सुमित रौथाण का कहना है कि यदि उपकेंद्र को पीएचसी में उच्चीकृत कर दिया जाता है तो यहां डॉक्टर, लैब, दवाइयां और 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध हो सकेगी जिससे यात्रियों और ग्रामीणों दोनों को बड़ी राहत मिलेगी।
कोट-
नीलकंठ स्थित टीकाकरण केंद्र के उच्चीकरण के लिए शासन में पत्राचार किया गया है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद ही प्रकिया आगे बढ़ेगी।
- डॉ. राजीव कुमार, एसीएमओ, यमकेश्वर
-