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बिना लाइसेंस सज गई पटाखों की दुकानें

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बिना लाईसेंस के मुखर्जी मार्ग में सजी पटाखों की दुकानें। - फोटो : RISHIKESH
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शहर में बिना लाइसेंस लिए लोगों ने जहां-तहां पटाखों की दुकानें सजा दी हैं। बृहस्पतिवार को रेलवे रोड, हरिद्वार रोड, मुखर्जी मार्ग, क्षेत्र रोड आदि जगहों पर लोग पटाखों की दुकानों को सजाकर बैठे नजर आए। जबकि दूसरी ओर प्रशासन गाइड लाइन जारी करने के बाद चुप्पी साध गया। विदित है कि पटाखों की बिक्री करने के लिए लाइसेंस बनाना अति आवश्यक है। लाइसेंस जारी होने के बाद ही पटाखों की बिक्री की जा सकती है।
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लाइसेंस जारी होने के लिए अग्निशमन विभाग की ओर से पटाखे लगाने वाली जगह और सुरक्षा मानकों का निरीक्षण किया जाता है। इसकी रिपोर्ट प्रशासन को दी जाती है। साथ ही लाइसेंस लेने वाले की ओर से चालान भरकर प्रशासन को 500 रुपये फीस जमा की जाती है। इसके बाद उपजिलाधिकारी के माध्यम से लाइसेंस जारी किए जाते हैं। इस वर्ष उपजिलाधिकारी कार्यालय ऋषिकेश में पटाखों का लाइसेंस बनाने के लिए विभिन्न जगहों से 120 आवेदन आए, लेकिन प्रशासन की ढीली कार्रवाई के चलते एक भी लाइसेंस जारी नहीं हो पाया है।
जहां मनाही वहीं लग रही पटाखों की दुकानें
अग्निशमन विभाग की मनाही के बावजूद मुख्य बाजार के बीचोंबीच पटाखे की दुकानें लग रही हैं। अग्निशमन विभाग ने क्षेत्र रोड, लाजपतराय रोड, मुखर्जी मार्ग, त्रिवेणी घाट रोड, तिलक रोड, पुष्कर मंदिर मार्ग, रेलवे रोड और मेन बाजार में पटाखे की दुकानों को लगाए जाने पर आपत्ति जताई है। सुरक्षा के तहत इन जगहों पर पटाखे की दुकान को लगाया जाना खतरनाक बताया है। इसकी रिपोर्ट उपजिलाधिकारी को भी भेजी गई है। रिपोर्ट में अग्निशमन विभाग ने सुरक्षा मानकों को ध्यान में रख भरत मंदिर इंटर कॉलेज का मैदान, नगर निगम परिसर, पुराना रोडवेज बस अड्डे का मैदान, त्रिवेणी घाट का प्लेटफार्म, आईडीपीएल मैदान और चंद्रभागा पुल के नीचे पटाखे की दुकानों को लगाने का सुझाव दिया था।
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नरेंद्रनगर तहसील से जारी हुए लाइसेंस
नरेंद्रनगर तहसील की ओर से पटाखा विक्रेताओं को लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं। उपजिलाधिकारी युक्ता मिश्र ने बताया कि पटाखे की बिक्री का लाइसेंस बनाने के लिए ढालवाला, चौदह बीघा, मुनिकीरेती, तपोवन आदि क्षेत्रों से कुल 22 आवेदन प्राप्त हुए थे। जिनकी रिपोर्ट अग्निशमन विभाग ने उन्हें सौंप दी थी। उन्होंने बताया कि सभी 22 पटाखा विक्रेताओं के लाइसेंस जारी हो चुके हैं।
कोट्स
- अग्निशमन विभाग की रिपोर्ट आने में कुछ समय लग जाता है। अन्य व्यस्तताओं के चलते पटाखों के लाइसेंस जारी नहीं हो पाए हैं। ऐसी स्थिति में पटाखा विक्रेताओं की ओर से लगाए चालान की रसीद का निरीक्षण किया जाता है। तभी उन्हें पटाखे की दुकान लगाने की अनुमति दी जाती है।
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- प्रेमलाल, उपजिलाधिकारी ऋषिकेश
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