ग्रामीणों ने योजना के कार्यों की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
यमकेश्वर ब्लॉक के अंतर्गत बैरागढ़ गांव के समीप हेंवल नदी के किनारे पेयजल निगम कोटद्वार की ओर से बनाई जा रही करीब 13 करोड़ की जुलेड़ी पंपिंग योजना मलबे में तब्दील हो गई है। बीते दिनों से हो रही बारिश के कारण निर्माणाधीन योजना स्थल मलबे में दब गया।
यमकेश्वर ब्लॉक के करीब दो दर्जन से अधिक गांवों में पेयजल आपूर्ति करने के लिए बैरागढ़ गांव के समीप कुत्ताकाटली गदेरे में जुलेड़ी पंपिंग योजना का कार्य चल रहा है। पेयजल निगम कोटद्वार की ओर से जनवरी 2023 से करीब 13 करोड़ की लागत से योजना का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। मार्च माह में विभाग की ओर से करीब 20 मीटर पुलिया का निर्माण भी किया गया था। पिछले दिनों लगातार बारिश से पुलिया अचानक भरभराकर नीचे गिर गई थी।
ग्राम पंचायत सिंदुड़ी के पूर्व प्रधान अरुण जुगलान ने बताया कि पंपिंग योजना के लिए सुरक्षा दीवार का निर्माण बनाया जाना चाहिए था, लेकिन नहीं बनाई गई। नतीजा पहले ही बरसात के मौसम में प्राकृतिक गदेरे के उफान में आने से पूरी योजना मलबे में तब्दील हो गई है। उन्होंने विभाग और ठेकेदार पर सरकारी धन का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है।
बरसात में इन दिनों योजना का निर्माण कार्य बंद है। बारिश बंद होने के बाद योजना का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। - आशीष मिश्रा अधिशासी अभियंता, पेयजल निगम कोटद्वार