एनएसयूूआई कार्यकर्ताओं ने नगर क्षेत्र में हेलमेट लगाओ जन जागरुकता अभियान के तहत दुपहिया वाहन रैली निकाली। रैली में शहर के युवाओं, छात्र-छात्राओं और स्थानीय लोगों ने बढ़ चढ़कर प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने नगरवासियों से यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षा के लिए हेलमेट का उपयोग करने की अपील की।
रविवार को दून रोड स्थित पेट्रोल पंप से प्रदेश कांग्रेस महासचिव राजपाल खरोला ने हेलमेट लगाओ जन जागरुकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। दुपहिया रैली दून रोड से हरिद्वार रोड, क्षेत्र रोड, मुख्य बाजार, घाट चौक, रेलवे रोड और तिलक रोड होते हुए त्रिवेणी घाट स्थित गांधी स्तंभ पर संपन्न हुई।
इस दौरान खरोला ने कहा कि बीते कुछ समय से दुपहिया वाहन दुर्घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। लिहाजा इसे रोकने के लिए सभी को स्वेच्छा से हेलमेट पहनना चाहिए। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन स्वयं की सुरक्षा है। इसे प्रत्येक व्यक्ति को करना चाहिए। एनएसयूआई जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र पाल पाठी ने कहा कि हमारी सुरक्षा स्वयं के हाथों में है।
यदि हम यातायात नियमों का पालन कर हेलमेट का प्रयोग करेंगे तो आए दिन होने वाली अप्रिय घटनाओं से काफी हद तक बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोगों को जागरूक करने के लिए एनएसयूआई शिक्षण संस्थानों और नगर स्तर पर इस अभियान को आगे भी जारी रखेगा।
रैली में नगर पालिका सभासद मनीष शर्मा, मधु मिश्रा, विकास तेवतिया, मुकेश जाटव, देवेंद्र प्रजापति, एकांत गोयल, सोनू पांडेय, गिरीश नौटियाल, सन्नी प्रजापति, किरन शर्मा, मधु जोशी, प्रशांत कुमार आदि मौजूद थे।
शहर के भीतर अनिवार्य नहीं हो हेलमेट
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता दिनेश कोठारी ने स्थानीय नागरिकों की समस्या के मद्देनजर शहर के अंदर हेलमेट लागू नहीं करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नगर का दायरा महज चार किमी का है। इसमें दुर्घटना जैसा कोई जोन नहीं है। हेलमेट नगर में अनिवार्य होगा तो इससे आम आदमी की मुश्किलें बढ़ जाएंगी।
उन्होंने नगर की सड़कों से आवारा पशुओं को हटाने की मांग भी की। जारी बयान में कोठारी ने कहा कि हेलमेट एक सुरक्षा कवच है, लेकिन शहर का दायरा इसके लिए नाकाफी है। लिहाजा नगर के बाहर हाईवे और बाईपास रूटों पर हेलमेट पहनना अनिवार्य होना चाहिए।
उनका मानना है कि शहर में हो रही दुर्घटनाओं का कारण सड़कों पर घूमते सूअर, कुत्ते और लावारिस पशु हैं। लिहाजा नगर में अनहोनी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन को हेलमेट को अनिवार्य करने की बजाए आवारा पशुओं की रोकथाम करनी चाहिए। इससे नगर में होने वाली दुर्घटनाओं का समाधान हो जाएगा।