फूड वैन संचालकों पर शिकंजा नहीं कस पा रहा परिवहन विभाग
फूड वैन संचालकों पर शिकंजा नहीं कस पा रहा परिवहन विभाग
- जौलीग्रांट एयरपोर्ट, तहसील, सीमा डेंटल आदि स्थानों पर संचालित हो रही फूड वैन
- सड़कों पर हो रहा अतिक्रमण
संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश। ऋषिकेश संभाग में परिवहन विभाग फूड वैन संचालकों पर शिकंजा नहीं कस पा रहा है। स्थिति यह है कि कबाड़ हो चुके लोडर और निजी वाहन को फूड वैन में तब्दील कर इनमें खाना बेचा जा रहा है। इससे परिवहन विभाग को राजस्व का नुकसान भी हो रहा है। इसी के साथ ही इन वाहनों से सड़क पर अतिक्रमण भी हो रहा है जिससे आवाजाही में परेशानी हो रही है।
वर्तमान में जौलीग्रांट एयरपोर्ट के बाहर सात से आठ फूड वैनों का संचालन किया जा रहा है। हालांकि जानकारी के मुताबिक इनमें सिर्फ एक फूड वैन के ही कागज सही हैं। बाकी अधिकांश कबाड़ हो चुकी की फूड वैन में खाना परोसा जा रहा है। जो फूड वैन प्राइवेट नंबरों पर संचालित हो रही हैं उन्हें परिवहन विभाग की ओर से अब तक व्यावसायिक वाहन के रूप में भी पंजीकृत नहीं करवाया गया है। वहीं, ऋषिकेश तहसील में भी तीन फूड वैन का संचालन किया जा रहा है। इनमें से दो फूड निजी नंबरों से संचालित की जा रही हैं। परिवहन विभाग की दोर से इन दोनों वैन काे ना तो व्यावसायिक नंबर में ट्रांसफर करवाया गया है न ही इन पर कोई चालानी कार्रवाई की जा रही है और न ही सीज किया गया है। ऐसे ही कई फूड वैन तपोवन पुलिस चौकी से करीब 300 मीटर की दूरी पर लगे हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे तपोवन से नीरगड्डू पर करीब 10 से 12 फूड वैन बिना कागजों के संचालित हो रही हैं। सीमा डेंटल कॉलेज, एम्स के पास पशुपालन विभाग के कार्यालय के बाहर भी फूड वैन संचालित हो रही हैं।
कोट-
नियम विरुद्ध संचालित हो रहे वाहनों के खिलाफ नियमित कार्रवाई की जाती है। जल्द ही फूड वैन को लेकर अभियान चलाया जाएगा। -रश्मि पंत, एआरटीओ प्रवर्तन