टिहरी और पौड़ी की सीमा को जोड़ने वाला बजरंग सेतु बनकर तैयार हो गया है लेकिन अभी तक पुल का उद्घाटन नहीं हो पा रहा है। पुल पर रोजाना हजारों की तादाद में देशी, विदेशी पर्यटकों के अलावा स्थानीय नागरिक आवाजाही कर रहे हैं।
लोक निर्माण विभाग नरेंद्रनगर की ओर से वर्ष 2022 में बजरंग सेतु का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। करीब 69.20 करोड़ की लागत से बनने वाला पुल 132.30 मीटर लंबा और पांच मीटर चौड़ा है। पुल के दोनों साइड में डेढ़-डेढ़ मीटर का 65 मिमी की मोटाई वाला पारदर्शी कांच का फुटपाथ बन गया है।
प्रवेश द्वार की आकृति केदारधाम जैसी बन गई है। पुल पर हल्के चौपहिया वाहन भी आवाजाही करेंगे। लक्ष्मणझूला पुल के बंद होने के बाद से स्थानीय लोगों को अपने दोपहिया वाहनों से तपोवन और स्वर्गाश्रम क्षेत्र के बीच आवाजाही के लिए रामझूला पुल और जानकी सेतु तक करीब दो से तीन किमी का लंबा सफर तय करना पड़ रहा है।
चारधाम यात्रा शुरू हो गई है। पुल को देखने के लिए हजारों की तादाद में तीर्थयात्री पहुंच रहे हैं। स्थानीय नागरिक विवेक शर्मा, राहुल नेगी, मनोज शर्मा ने बताया कि लोनिवि की ओर से जब पुल बनकर तैयार हो गया है तो शासन-प्रशासन पुल का विधिवत उद्घाटन क्यों नहीं कर रहा है। वैसे तो पुल पर लोगों की आवाजाही शुरू है, लेकिन पुल पर वाहनों की आवाजाही नहीं होने से परेशानी हो रही है। शासन-प्रशासन को जल्द ही पुल का उद्घाटन करना चाहिए।
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कोट
बजरंग पुल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। पुल का उद्घाटन अब शासन प्रशासन स्तर से ही होगा। - प्रवीण करनवाल, अधिशासी अभियंता लोनिवि नरेंद्रनगर