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50 किलोमीटर के अंतराल में बस का दो बार टायर पंचर, बालबाल बची यात्रियों की जान

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ऋषिकेश। रोडवेज में छोटी बसों के गंजे टायरों के कारण आए दिन पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रियों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। तिलवाड़ा से देहरादून आ रही पर्वतीय डिपो की बस के 50 किलोमीटर के अंतराल पर दो अलग-अलग स्थानों पर टायर पंचर हो गए। चालक ने अनियंत्रित बस को सूझबूझ का परिचय देते हुए मुश्किल से संभाला। इससे यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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शनिवार को पर्वतीय डिपो देहरादून की बस तिलवाड़ा से वाया चंबा होकर देहरादून आ रही थी। यह बस तिलवाड़ा से सुबह सात बजे देहरादून के लिए चली थी। बस चालक ने बताया कि जैसे ही बस ने चंबा बाजार पार किया वैसे ही बस का आगे का बांयी साइड का टायर अचानक पंचर हो गया। टायर पंचर होते ही बस असंतुलित होने लगी, उन्होंने जैसे-तैसे बस को काबू पाया। उसके बाद बस को रोड किनारे खड़ी कर बस का टायर बदला। इस दौरान करीब एक घंटे का समय लगा। बस सवारियों से फुल भरी थी। दोपहर दो बजे जैसे ही बस इंद्रमणि बडोनी चौक पर पहुंची तो ड्राइवर साइड वाला टायर पंचर हो गया। उसके बाद इस बस में बैठी सवारियों को दूसरी बस से देहरादून भेजा गया। सूत्रों का कहना है कि करीब एक महीने से पर्वतीय क्षेत्रों में संचालित होने वाली छोटी व्हील वेस की बसों के लिए टायर नहीं आ रहे हैं। इससे यह समस्या आ रही है।
पर्वतीय क्षेत्रों में गंजे टायरों से दौड़ रही बसें
ऋषिकेश डिपो में मुख्यालय से छोटे टायर नहीं आ पा रहे हैं, ऐसे में पर्वतीय क्षेत्रों में संचालित होनी बसों को आगे का टायर गंजा होने के बाद भी उसे रूट पर भेजा रहा है। ऋषिकेश से पांडुकेशर मार्ग पर संचालित होने वाली बस का चालक का कहना था कि बस के आगे दोनो टायर गंजे हो रखे हैं, वर्कशॉप में कहने के बाद भी टायर नहीं बदले जा रहे हैं।
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रोडवेज के मुख्यालय में कुछ समय छोटे व्हील बेस के टायरों की कमी थी, अब नए टायर आ गए हैं, कुछ बसों के टायर बदले जा चुके हैं, कुछ के टायर आज कल में बदले जाएंगे।
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-सुखबीर सिंह, फोरमेन रोडवेज वर्कशॉप, ऋषिकेश
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